देखते हैं कौन है महिला विरोधी, प्रियंका गांधी ने सरकार को दी पुराना विधेयक लाने की चुनौती

Apr 18, 2026 11:30 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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सदन में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक 2026 गिरने के बाद प्रियंका गांधी ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार पुराना महिला आरक्षण विधेयक लाए। फिर देखते हैं कि कौन महिला विरोधी है और कौन नहीं।

देखते हैं कौन है महिला विरोधी, प्रियंका गांधी ने सरकार को दी पुराना विधेयक लाने की चुनौती

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (131वां संशोधन) 2026 गिरने के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि जो विधेयक सभी दलों की सहमति के बाद 2023 में पारित किया गया था, सरकार में दम है तो उसको लागू करे। उन्होंने कहा, सरकार को पुराना महिला आरक्षण विधेयक लाना चाहिए। सभी पार्टियां मिलकर सोमवार को ही उसे पास करवा देंगी। उन्होंने कहा, सोमवार को संसद चलाइए और पुराना विधेयक पेश करिए। हम सभी समर्थन में वोट करेंगे।

बता दें कि सदन में विधेयक गिरने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया है। बीजेपी का कहा है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को उनका अधिकार नहीं देना चाहते हैं। बताद दें कि लोकसभा मों मतों के विभाजन के दौरान 298 सांसदों ने विधेयक के समर्थन में वोट किया था। वहीं 230 ने विरोध में वोट किया। कुल 528 वोट पड़े थे। विधेयक पारित होने के लिए दो तिहाई वोटों की जरूरत थी।

इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि समर्थन के अभाव में बिल पारित नहीं किया जा सका है। इसके बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि बाकी के दो बिल भी इसी से जुड़े हुए हैं इसलिए उन्हें आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। बीजेपी का कहना है कि महिलाओँ को 33 फीसदी आरक्षण देने का यह ऐतिहासिक बिल विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि टीएमसी, कांग्रेस और अन्य विरोधियों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

वहीं विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक बिना पर्याप्त संवाद के ही पेश कर दिया गया। जबकि मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पेशल सेशन से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके अलावा विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन और जनगणना से नहीं जोड़ना चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि यह विधेयक केवल चुनाव का स्वरूप बदलने के लिए लाया गया है। वहीं टीएमसी के कल्याण बनर्जी ने कहा कि अगर सरकार विधेयक लाए कि महिलाओं को 50 फीसदी सीटों पर आरक्षण दिया जाएगा तो सारे विपक्षी तुरंत इसका समर्थन कर देंगे।

सपा सांसद डिपंल यादव ने कहा कि आरक्षण के कोटे के अंदर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। ऐसे में ओबीसी और अन्य पिछड़ी जातियों की महिलाओं को उनका हक नहीं मिल पाएगा। इससे केवल सवर्ण महिला प्रत्याशियों को ही फायदा मिलेगा।

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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