'कर्मों का फल सबको मिलता है', बिश्नोई के गैंगस्टर ने लिया खालिस्तानी निज्जर की हत्या का जिम्मा
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने दावा किया है कि उसने ही कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाई थी। बरार ने कहा कि निज्जर युवाओं को ड्रग्स के जाल में फंसा रहा था।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने दावा किया है कि उसने ही खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी थी। बता दें कि निज्जर की हत्या के बाद कनाडा और भारत के बीच संबंध काफी बिगड़ गए थे। कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर ही निज्जर को मरवाने का आरोप लगा दिया था। 2023 में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोल्डी बरार सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भारत में वॉन्टेड है।
निज्जर पर क्यों भड़का गोल्डी बरार
खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा से बातचीत के दौरान गोल्डी बराड़ ने दावा किया कि उसने ही निज्जर को मारा है। बरार ने कहा, 'निज्जर युवाओं को ड्रग्स के जाल में फंसाने वालों का समर्थन करता था। जिन लोगों ने युवाओं को ब्लैकमेल करके ड्रग्स बेचने और मुखबिर बनने पर मजबूर किया। निज्जर ऐसे लोगों को मजबूत बना रहा था ताकि समय आने पर उनका इस्तेमाल कर सके।'
गोल्डी बराड़ ने कहा, इसीलिए मैंने और मेरी टीम ने मिलकर निज्जर को मार डाला। मेन मुद्दा यही है कि वह ड्रग्स बेचने के लिए युवाओं का इस्तेमाल कर रहा था। सबको अपने कर्मों की सजा भुगतनी पड़ती है।
क्यों नहीं चलाई गुरुद्वारे में गोली
बराड़ ने दावा किया कि उसने गुरुद्वारे के अंदर गोली नहीं चलाई क्योंकि यह गुरु का घर है। ऐसे में उसके बाहर आने का इंतजार किया। उसने कहा, उसे लगा था कि निज्जर की गाड़ी में अर्श डल्ला भी है। अगर वह साथ होता तो आज वह भी दुनिया में नहीं होता। निज्जर पर 50 राउंड फायरिंग की गई थी जिनमें से 34 गोलियां उसे लगी थीं।
कनाडा बोला, निज्जर की हत्या में भारत का हाथ नहीं
बता दें कि कनाडा ने जब भारत पर निज्जर की हत्या करवाने के आरोप लगाए तो तुरंत भारत ने इसे मनगढ़ंत बताते हुए खारिज किया और कहा का कनाडा की धरती पर खालिस्तानियों को पनाह दी जा रही है। ट्रूडो के कार्यकाल में भारत के साथ कनाडा के संबंध खराब ही होते गए। हालांकि लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद एक बार फिर कनाडा के साथ संबंध सुधरे। पिछळे महीने कनाडा के अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे पता चले कि निज्जर की हत्या में भारत का हाथ था।
बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई 2015 से ही जेल में है। वहीं गोल्डी बरार उसके गैंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाता है। वह कनाडा में ही रहता है। अमेरिका ने पिछले ही महीने उसके सिर पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। अमेरिका के निशाने पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के और भी कई गैंगस्टर हैं।


