गांव में भर्तियां और फिर सीधा विदेश, कैसे काम करता है लॉरेंस बिश्नोई गैंग; दाऊद को भी दे दी है मात

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर बड़ा ऐक्शन हुआ है। कम से कम तीन आपराधिक गिरोहों के 24 लोगों को अलग-अलग देशों से गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई है। कई साल की जांच के बाद ये गिरफ्तारियां हुई हैं।

बिश्नोई गैंग

लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिका में बड़ी कार्रवाई की गई है। अमेरिका, कनाडा और यूरोप से कम से क 24 संदिग्धों की गिरफ्तारी की गई है जिनपर भारत से जुड़े तीन संगठित अपराधी गिरोहों से संबंध होने के आरोप हैं। इस पूरे अभियान को 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' नाम दिया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों पर कई आरोप लगाए गए हैं जिनमें कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश भी शामिल है। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) ने कहा है कि जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिअनोई भारत के एक जाने-माने अभिनेता 'SK' की हत्या का ऐलान इसलिए किया थआ ताकि लोगों के मन में डर व्याप जाए।

अमेरिका के रिकॉर्ड में किसी अभिनेता का नाम नहीं लिखा गया है। हालांकि यह संकेत बॉलिवुड स्टार सलमान खान की ओर है। लॉरेंस बिश्नोई 2023 से अहमदाबाद की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है। 8 जुलाई को डीओजे ने पंजाब से जुड़े तीन आपराधिक संगठनों के खिलाफ अभियोग का ऐलान किया था। ये तीनों ही गिरोह भारत, कनाडा, अमेरिका और यूरोप में सक्रिय हैं। डीओजे ने कहा कि कुल 37 लोगों की पहचान की गई है और इनमें से 24 को गिरफ्तार किया गया है। इन्हें अमेरिका, कनाडा और स्पेन से पकड़ा गया है। 10 संदिग्धों की तलाश जारी है।

चार्जशीट में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग भारत में गरीब नाबालिगों को लालच देकर अपने गैंग में शामिल करता है और उनसे दौलत, सोहरत और सुरक्षा का वादा किया जाता है। कई लोगों को स्टूडेंट वीजा या फिर फॉरेन वर्क वीजा पर अमेरिका और कनाडा भेज दिया जाता है।

विकेंद्रीकृत गिरोह

डीओजे ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने विकेंद्रीकरण की नीति अपनाई है। गैंग की कई शाखाएं हैं और इनमें शामिल लोगों को एक दूसरे गैंग के लोगों के बारे में भी ज्यादा जानकारी नहीं रहती है। ऐसे में अगर कोई सदस्य पकड़ा भी जाता है तो बाकी अपराध बच जाते हैं। उनसे कोई जानकारी नहीं मिल पाती है।

डी कंपनी से कैसे अलग है बिश्नोई सिंडिकेट

बिश्नोई सिंडिकेट दुनिया के कई देशों में छाया हुआ है। अब इसकी तुलना दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी से की जाती है। हालांकि दाऊद दुबई या कराचा में हता था और वहीं से फोन पर उसके शूटर काम करते थे। हवाला के जरिए कैश का लेनदेन हुआ करता था। वहीं लॉरेंस बिश्नोई का गैंग इंटरनेट मॉडल पर काम करता है। यह गैंग डीसेंट्रलाइज्ड है और इसका कोई एक अड्डा नहीं है। यानी एक सदस्य गोल्डी बराड़ अगर कनाडा में है तो दूसरा रोहित गोदारा किसी और देश में होगा। वहीं अनमोल बिश्नोई किसी और देश में होगा।

कॉर्पोरेट की तरह काम करता है गैंक

जानकारी के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई गैंग एकदम कॉर्पोरेट स्टाइलम ें काम करता है। इसमें भर्तियां सोशल मीडिया के माध्मम से ही होती हैं। इसके बाद अलग-अलग विभागों में उन्हें काम दिया जाता है। खास बात यहा है कि शूटर को यह भी नहीं पता रहता कि गोली वह किसके कहने पर चला रहा है। कोई हथियारदिलवाता है तो कोई टीम रेकी करती है और फिर गोली चलाने का आदेश कोई और देता है।

कैसे लड़कों को दिया जाता है काम

लॉरेंस बिश्नोई गैंग पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के गांवों के युवाओं को इंटरनेट से ही आकर्षित करता है। शुरुआत में उन्हें रेकी या फिर हवाई फायरिंग जैसे काम दिए जाते हैं और इसके बदले में पैसा दिया जाता है। गैंग उन्हें रॉबिनहुड बनाने के सपने दिखाता है। अगर लड़का पुलिस की नजर में चढ़ जाता है तो उसके फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाकर उसे तुर्की, पुर्तगाल, साइप्रस या फिर अजरबैजान जैसे देशों में भेज दिया जाता है। कई बार डोंकी रूट से उसे कनाडा या फिर अमेरिका पहुंचा दिया जाता है।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।