घर में घुसकर किराएदार का जबरन फेंक दिया था सामान, कोर्ट ने मकान मालिक को दिया बड़ा झटका
मकान मालिक पर आरोप था कि उसने जबरन किराएदार को दी गई जगह में घुसकर उसका सामान बाहर फेंक दिया। ट्रायल कोर्ट और अपीलीय अदालत, दोनों ने मकान मालिक को इसके लिए दोषी ठहराया था और जब हाई कोर्ट में मामले को चुनौती दी गई, तो वहां से भी मकान मालिक को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।

केरल हाई कोर्ट ने किराए पर घर देने वालों के लिए एक अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि कोई भी मकान मालिक किराए पर दिए गए मकान में जबरन और बिना इजाजत के नहीं घुस सकता है। कोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए मकान मालिक को दोषी ठहराया है। मकान मालिक पर एक साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन की बेंच ने यह आदेश दिया।
लाइव लॉ के अनुसार, जस्टिस सेबेस्टियन ने कहा, ''यहां तक कि असली मालिक भी अपने मालिकाना हक की आड़ में, किसी दूसरे व्यक्ति के वैध कब्जे वाली जगह में, कोई अपराध करने के इरादे से, गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश नहीं कर सकता। मौजूदा मामले में, सिर्फ इस बात से कि आरोपी उस कमरे का मालिक है, वह अपनी आपराधिक जिम्मेदारी से अपने-आप बरी नहीं हो जाता। खासकर तब, जब ऐसा प्रवेश किसी गैर-कानूनी काम को अंजाम देने के इरादे से किया गया हो।”
दरअसल, यह मामला मकान मालिक पर लगाए गए आरोप का है, जिसमें कहा गया था कि उसने जबरन किराएदार को दी गई जगह में घुसकर उसका सामान बाहर फेंक दिया। ट्रायल कोर्ट और अपीलीय अदालत, दोनों ने मकान मालिक को इसके लिए दोषी ठहराया था और जब हाई कोर्ट में मामले को चुनौती दी गई, तो वहां से भी मकान मालिक को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। अभियोजन पक्ष का कहना था, ''याचिकाकर्ता जोकि मकान मालिक है, उस कमरे में घुस गया था, जिसे वास्तविक शिकायतकर्ता ने उससे किराए पर लिया था। आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि मकान मालिक ने किराएदार के घरेलू सामान को बाहर फेंक दिया, जिससे 10,000 रुपये का नुकसान हुआ।''
किन धाराओं के तहत ठहराया गया था दोषी
लोअर कोर्ट्स ने मकान मालिक को धारा 454 (अपराध करने के इरादे से घर में छिपकर घुसना या फिर घर तोड़ना) और धारा 427 (आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाली शरारत करना) के तहत दोषी ठहराया था। ट्रायल कोर्ट ने उसे धारा 454 के तहत एक साल की जेल और दो हजार रुपये का फाइन लगाया था। इसके बाद कोर्ट ने धारा 427 के तहत उसे छह महीने की जेल और 1000 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई।
इसके अलावा, अपीलीय अदालत में जब मामला गया तो सजा में बदलाव हुआ। तीन महीने की सजा और किराएदार को 15 हजार रुपये मुआवजा देने के लिए कहा गया। इसके बाद मकान मालिक ने फिर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत सबूतों और गवाहों के बयानों को सही पाते हुए अपना फैसला सुनाया और लोअर कोर्ट व अपीलीय अदालत के फैसले को सही ठहराया।
लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
मीडिया में अवॉर्ड्स.
मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।
विशेषज्ञता
देश-विदेश की राजनीति पर गहरी पकड़
यूपी-बिहार समेत सभी राज्यों की खबरों को कवर करने का व्यापक अनुभव
विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, संसद की कार्यवाही को लंबे समय से कवर किया
ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज, एनालिसिस स्टोरीज, एशिया, मिडिल ईस्ट, पश्चिमी देशों की खबरों को कवर करने का एक दशक से ज्यादा का एक्सपीरियंस


