ममता के सामने अभिषेक बनर्जी से भिड़ गए कुणाल घोष, कहा- मैं TMC का प्रवक्ता, आपके PA का नहीं

लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता।
Follow us on Google News
share

इससे पहले दिन में भी कुणाल घोष ने मीडिया से कहा था कि सुमित रॉय जैसे हाई-प्रोफाइल लोगों ने पार्टी को बर्बाद करने का काम किया है और वे अभिषेक के कैमक स्ट्रीट दफ्तर में मनमानी चलाते थे।

ममता के सामने अभिषेक बनर्जी से भिड़ गए कुणाल घोष, कहा- मैं TMC का प्रवक्ता, आपके PA का नहीं

पश्चिम बंगाल की पूर्व सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर का घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को बंद कमरे में टीएमसी की एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और बेलेघाटा के विधायक कुणाल घोष के बीच तीखी बहस हो गई। यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में हुआ। इसके बाद पार्टी में एक बार फिर बड़े संगठनात्मक फेरबदल किए गए हैं।

यह टकराव उस घटना के कुछ ही घंटों बाद हुआ जब पुलिस पश्चिम मेदिनीपुर के एक रंगदारी मामले में आरोपी सुमित रॉय की तलाश में अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची थी। सुमित रॉय अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक हैं।

टीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी की अध्यक्षता में चल रही कार्यकारी समिति की बैठक में अभिषेक बनर्जी ने अचानक कुणाल घोष पर मीडिया के सामने उनके और उनके पीए सुमित रॉय के खिलाफ बयानबाजी करने का आरोप लगाया। इस पर कुणाल घोष भड़क गए और बैठक में ही चिल्लाते हुए अभिषेक को जवाब दिया।

बैठक में कुणाल घोष ने कहा, "मैं पार्टी का प्रवक्ता हूं, सुमित रॉय का नहीं। वह कौन है? आप उसके पापों का बोझ अपने कंधों पर क्यों उठा रहे हैं? मैंने आपके घर में पुलिस के घुसने की निंदा की है, लेकिन मैं सुमित रॉय का बचाव कभी नहीं करूंगा।"

इससे पहले दिन में भी कुणाल घोष ने मीडिया से कहा था कि सुमित रॉय जैसे हाई-प्रोफाइल लोगों ने पार्टी को बर्बाद करने का काम किया है और वे अभिषेक के कैमक स्ट्रीट दफ्तर में मनमानी चलाते थे।

ममता बनर्जी ने कराया बीच-बचाव

बहस के दौरान जब अभिषेक बनर्जी ने भावुक होते हुए कहा कि अगर वे पार्टी में नापसंद किए जा रहे हैं तो नेता उन्हें पद से हटा क्यों नहीं देते? इस पर कुणाल घोष ने तीखा विरोध किया और कहा कि मामले को इस हद तक ले जाने की जरूरत नहीं है। दोनों नेताओं के बीच बढ़ती कड़वाहट को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दखल दिया। उन्होंने दोनों को शांत रहने को कहा और याद दिलाया कि पार्टी इस समय इतिहास के सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। सांसद कल्याण बनर्जी ने भी बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें