पहले नाम पूछा, फिर दो हिंदुओं को अलग कर मार दी गोली; कश्मीर में पहलगाम जैसा आतंकी हमला
कश्मीर के कुलगाम में पहलगाम जैसा आतंकी हमला हुआ है। आतंकवादियों ने प्रवासी मजदूरों से उनके नाम पूछे और फिर दो हिंदुओं को अलग करके गोली मार दी। एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल है।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो हिंदू प्रवासी मजदूरों की गोली मार दी गई, जिसके बाद दोनोें की मौत हो गई। एक प्रवासी मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि दूसरे को गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आतंकवादियों ने इस हमले को पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले जैसा ही अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने दावा किया कि गोली चलाने से पहले आतंकियों ने कुलगाम में प्रवासी मजदूरों से उनके नाम पूछे और फिर दो हिंदू मजदूरों को ग्रुप से अलग कर दिया गया। इसके बाद, दोनों पर करीब से गोली चला दी गई।
सीएनएन-न्यूज 18 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस आतंकी हमले के समय कई वर्कर्स बाहर के रहने वाले थे। लेकिन सिर्फ दो हिंदू प्रवासी मजदूर थे। दोनों को आतंकियों ने गोली मार दी। इसकी वजह से यह हमला भी पहलगाम हमले जैसा ही माना जा रहा है, जहां धर्म के आधार पर कई पर्यटकों को करीब से गोली मार दी गई थी। उस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया था।
सूत्रों ने बताया है कि इस हमले में दो आतंकियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। इसमें से एक लोकल और दूसरा विदेशी आतंकी है। जांच एजेंसियों ने हमले के पीछे कौन आतंकी शामिल था, उसकी जांच शुरू कर दी है। पहला शक मोहम्मद लतीफ पर जा रहा है। यह पिछले साल ही लश्कर ए तैयबा के टीआएफ में शामिल हुआ था। टीआरएफ ने ही पहलगाम हमले को भी अंजाम दिया था।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं दोनों
दोनों मजदूर कुलगाम के ईंट-भट्ठे पर काम करते थे। इसमें से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि हमले में दो मजदूर घायल हुए। उन्होंने बताया कि इनमें से एक ने अस्पताल ले जाने से पहले दम तोड़ दिया। अधिकारियों के मुताबिक, मृतक की पहचान दीपक रात्रे (24) के रूप में हुई है, जबकि बोपिंदर (28) घायल है। दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
दस दिन पहले भी हुआ था आतंकी हमला
बोपिंदर को पहले जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे सौरा के एसकेआईएमएस अस्पताल में रेफर कर दिया। बता दें कि यह हमला दस दिन से भी कम समय पहले हुई एक अन्य घटना के बाद हुआ है, जिसमें आतंकवादियों ने अनंतनाग शहर में एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आतंकी हमले के बाद लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों से बात की।


