कोलकाता मेयर फिरहाद हाकिम ने छोड़ा पद, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को एक और झटका; CM शुभेंदु अधिकारी वजह

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पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी ने उनके पद छोड़ने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।

Kolkata Mayor Firhad Hakim resigns setback for Mamata Banerjees TMC in Bengal Suvendu Adhikari BJP govt reaso

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कोलकाता मेयर फिरहाद हाकिम ने अपने पद को छोड़ने का फैसला लिया है। उनका आरोप है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आ जाने के बाद काम करना मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ममता बनर्जी से उन्हें पद छोड़ने देने का अनुरोध किया था, जिसे टीएमसी सुप्रीमो ने स्वीकार कर लिया है।

हाकिम के इस्तीफे की चर्चा पिछले कई दिनों से जारी है। हालांकि अब इस्तीफे की पुष्टि होने के बाद टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने भी इसके लिए भाजपा की नई नवेली सरकार को ही निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “उस समय उन्हें इस्तीफा न देने के लिए कहा गया था। हालांकि, आज फिर उन्होंने ममता बनर्जी से पद छोड़ने की अनुमति मांगी इसके बाद उन्हें अनुमति मिल गई।”

इससे पहले कोलकाता मेयर पद से इस्तीफा देने का ऐलान करके चर्चा में आए हाकिम ने इसके लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार करार दिया था। उनका कहना था कि शुभेंदु अधिकारी सरकार आ जाने के बाद राजनीतिक माहौल काफी बदल गया है। ऐसी स्थिति में मेयर के रूप में काम करते रहना आसान नहीं ह। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की है।

कोलकाता मेयर और तृणमूल कांग्रेस के नेता भले ही इस्तीफे की वजह भाजपा सरकार को बता रहे हैं। लेकिन कई लोगों का मानना है कि टीएमसी के अंदर नेतृत्व पर भरोसा कम हुआ है। इसी वजह से एक के बाद एक नेता पार्टी को छोड़ रहे हैं। दूसरी तरफ फिरहाद हाकिम के ऊपर हाल ही में भाजपा सरकार आने के बाद जांच-पड़ताल का दौर भी शुरू हो गया था। इसके चलते भी उनके ऊपर दबाव था।

पार्टी के भीतर जमकर उथल-पुथल

पश्चिम बंगाल के चुनाव के पहले पूरे देश में विपक्ष का एक बड़ा चेहरा मानी जा रही ममता बनर्जी की दुनिया 4 मई के दिन पलट गई। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने तृणमूल कांग्रेस को करारी हार की तरफ धकेल दिया। इसके बाद से भाजपा सरकार पर हमला करने की कोशिश कर रही ममता बनर्जी को अपनी पार्टी बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पार्टी के नेताओं के भीतर अभिषेक बनर्जी को लेकर उपज रहा बैर, सत्ता जाने के बाद खुलकर सामने आने लगा। सबसे पहले कई नेताओं ने ममता का साथ छोड़ा और इसके लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार बताया। रही सही कसर उस वक्त पूरी हो गई, जब ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी ने ममता बनर्जी के खिलाफ ही बगावत कर दी। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी ही उनकी नेता हैं, लेकिन पार्टी में अभिषेक बनर्जी के लिए कोई जगह नहीं है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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