'कॉकरोच प्रोटेस्ट में किसी की हड्डी नहीं टूटी’, रिजिजू ने ‘गोली चलने' के दावे को किया खारिज

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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CJP छात्र प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के आरोपों पर किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर पलटवार किया। बोले- ‘गोली कहां चली है?’ रिजिजू ने दिल्ली पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि किसी की मौत नहीं हुई और किसी को गंभीर चोट नहीं लगी।

CJP Protest में गोली चली या नहीं? रिजिजू ने बताया क्या हुआ, दिल्ली पुलिस की भी तारीफ
CJP Protest में गोली चली या नहीं? रिजिजू ने बताया क्या हुआ, दिल्ली पुलिस की भी तारीफ

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली में NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ हुए हालिया छात्र प्रदर्शनों में पुलिस की बर्बरता के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों के संसद मार्च का जिक्र करते हुए दिल्ली पुलिस की तारीफ की और कहा कि पुलिस ने पूरे मामले को ‘बहुत शांतिपूर्ण तरीके’ से संभाला।

रिजिजू ने यह भी कहा कि छात्रों की आड़ में कुछ ‘अपराधी’ प्रदर्शन में शामिल हो गए थे। इसके बावजूद पुलिस और अन्य अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित रखा।

‘गोली कहां चली है? किसी की मौत या हड्डी नहीं टूटी’

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में रिजिजू से प्रदर्शन के दौरान गोली चलने के आरोपों को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा, “कहां गोली चली है? एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई, किसी की हड्डी नहीं टूटी और किसी को गंभीर चोट नहीं लगी।”

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कई लोगों ने हिंसा भड़काने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद किसी की मौत नहीं हुई। उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्थिति संभालने के लिए प्रशंसा की।

रिजिजू ने कहा कि छात्रों के वेश में कई अपराधी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उनके मुताबिक, आम आदमी पार्टी, डफली बजाने वाले प्रदर्शनकारी, भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों में से आधे से ज्यादा ने भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के दौर में इसी तरह के प्रदर्शनों में कई लोगों की मौत हो जाती थी।

रिजिजू का दावा- ‘एक भी लाठी नहीं चली’

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान एक भी लाठी का इस्तेमाल नहीं किया गया। उनके मुताबिक, जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च शुरू किया, तभी पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।

रिजिजू ने कहा कि जब कोई मौत नहीं हुई तो पुलिस की तारीफ क्यों नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए भी होती है और उसने पूरे मामले को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला। उनके मुताबिक, ऐसे में पुलिस की आलोचना करना सही नहीं है।

20 जुलाई के प्रदर्शन में हुआ था बवाल

पिछले महीने 20 जुलाई को संसद की ओर निकाले गए छात्र मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। यह मार्च कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उस समय भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुलाया था।

प्रदर्शन के दिन के वीडियो में पुलिसकर्मियों को छात्रों पर लाठीचार्ज करते हुए देखा गया था। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए थे।

क्या पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था?

दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कई मीडिया रिपोर्टों और विपक्षी नेताओं ने पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया था। इनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जुलाई की सुबह छात्र प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कम से कम 12 जवानों को पैलेट गन दी गई थीं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों पर इनके इस्तेमाल के दावे सामने आने के बाद इन हथियारों को वापस ले लिया गया था। यह जानकारी RAF की आंतरिक जांच से परिचित अधिकारियों के हवाले से दी गई थी।

रिजिजू ने पुलिस कार्रवाई के दौरान किसी के गंभीर रूप से घायल नहीं होने का दावा किया, लेकिन पांच लोगों ने कहा था कि संसद मार्च के दिन उन्हें पैलेट लगी थी।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आंसू गैस के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए थे। 25 जुलाई को CJP के नेतृत्व में चल रहा प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था। इसी दिन धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

संसद में भी उठा पुलिस कार्रवाई का मुद्दा

मॉनसून सत्र के दौरान दिल्ली के प्रदर्शन में कथित पुलिस बर्बरता विपक्ष की ओर से लगातार उठाया जाने वाला मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर लाठी, आंसू गैस, शॉक बैटन और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर बयान देने की मांग कर रहे हैं।

राहुल गांधी एक ऐसे छात्र को भी सामने लाए थे, जिसके बारे में बताया गया कि उसकी आंख में चोट लगी थी। राहुल ने छात्र के शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए कहा था कि सरकार कह रही है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन छात्र की आंख को नुकसान पहुंचा और उसकी रोशनी चली गई।

Amit Kumar

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