
यूरोप बन रहा खालिस्तानियों का नया ठिकाना, इस देश में दूतावास पर हमला; ऐक्शन में भारत
क्रोएशियाई विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर खेद जताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। वहां के प्रशासन ने भारतीय दूतावास की सुरक्षा बढ़ाने और मामले की जांच कर दोषियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।
कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के बाद अब खालिस्तानी कट्टरपंथियों ने पूर्वी यूरोप में अपनी गतिविधियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। एक चौंकाने वाली घटना में, क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब स्थित भारतीय दूतावास को खालिस्तानी समर्थकों ने निशाना बनाया है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए क्रोएशियाई प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) से जुड़े कुछ असामाजिक तत्वों ने जाग्रेब में भारतीय दूतावास की सुरक्षा का उल्लंघन किया। इन उपद्रवियों ने न केवल दूतावास परिसर में जबरन घुसने की कोशिश की, बल्कि वहां तोड़फोड़ भी की।
मौके पर मौजूद लोगों और अधिकारियों के अनुसार, खालिस्तानी समर्थकों ने दूतावास की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे और वहां लगे भारतीय तिरंगे को उतारकर उसकी जगह 'खालिस्तानी झंडा' लगाने का प्रयास किया। यह घटना गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से ठीक पहले हुई है, जब यूरोपीय संघ के नेता भारत आ रहे हैं।
भारत की तीखी प्रतिक्रिया
भारत ने क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में अपने दूतावास में अनधिकृत प्रवेश और तोड़फोड़ की घटना की बृहस्पतिवार को कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने नई दिल्ली और जाग्रेब में क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष यह मामला मजबूती से उठाया है और उनसे दोषियों को उनके निंदनीय कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया है।
मंत्रालय ने कहा- हम भारत विरोधी तत्वों की ओर से क्रोएशिया के जाग्रेब में हमारे दूतावास में अनधिकृत प्रवेश और तोड़फोड़ की घटना की कड़ी निंदा करते हैं। इसने कहा कि विएना संधि के तहत राजनयिक परिसर में बिना अनुमति प्रवेश नहीं किया जा सकता और उनकी सुरक्षा की जानी चाहिए। मंत्रालय ने कहा- इसके मद्देनजर, हमने नई दिल्ली और जाग्रेब में क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष इस मामले को मजबूती से उठाया है और उनसे दोषियों को उनके निंदनीय एवं अवैध कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराने का अनुरोध किया है। इसने कहा- इस तरह की घटनाएं इनके पीछे के लोगों के चरित्र और इरादों के बारे में भी बताती हैं। हर जगह के कानून प्रवर्तन अधिकारियों को ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेना चाहिए।
'फाइव आईज' देशों से बाहर फैला नेटवर्क
यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि अब तक खालिस्तानी गतिविधियां मुख्य रूप से 'फाइव आईज' देशों- कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक सीमित थीं। क्रोएशिया जैसे यूरोपीय संघ (EU) के देश में ऐसा हमला होना यह दर्शाता है कि ये आतंकी समूह नए ठिकानों पर अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों को इनपुट्स मिले हैं कि SFJ के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए अपने गुर्गों को उकसाया है।





