जिंदा है केतन... इतना सुनते ही घबरा गई थी सिया गोयल, पुलिस के पास अब 3 बड़े सुराग

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Ketan Agrawal Murder: जब केतन अग्रवाल को खाई से बाहर निकाला गया तो उसका मुंह कपड़े से बंधा हुआ था, लेकिन चेहरा पहचान के लिए खुला छोड़ दिया गया था। उस वक्त रोती हुई सिया का रोना परिवार को पूरी तरह बनावटी लग रहा था।

Ketan is alive Siya Goyal demeanor changed the moment she heard the news police have three major leads

Ketan Agrawal Murder Case Updates: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच और परिजनों के बयानों से साफ है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि बेहद ठंडे दिमाग से रची गई एक खौफनाक साजिश थी। मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने के लिए तीन बार कोशिश की थी, जिसमें तीसरी बार वे कामयाब रहे।

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने खुलासा किया कि घटना वाले दिन यानी कि 18 जून को ही उन्हें सिया पर गहरा शक हो गया था। विशाल के मुताबिक, "जब सिया की मां पूजा गोयल का फोन आया कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है तो हम तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां एक महिला पुलिस अधिकारी ने कहा कि केतन की सांसें चल रही हैं, उसे तुरंत अस्पताल ले जाना होगा। यह बात सुनते ही सिया के हाव-भाव पूरी तरह बदल गए और वह असहज हो गई।"

जब केतन को खाई से बाहर निकाला गया तो उसका मुंह कपड़े से बंधा हुआ था, लेकिन चेहरा पहचान के लिए खुला छोड़ दिया गया था। उस वक्त रोती हुई सिया का रोना परिवार को पूरी तरह बनावटी लग रहा था।

इन 3 वजहों से गहराया परिवार का शक

सवालों पर चुप्पी: जब केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वे दोनों किले के उस खतरनाक कोने तक कैसे पहुंचे और केतन कैसे गिरा, तो सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।

बुआ का बीच में टोकना: अगले दिन जब सिया केतन के घर आई तो परिवार ने फिर पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था? इस पूछताछ के बीच ही सिया की बुआ उसे "तुम चलो, चलो..." कहकर वहां से खींच ले गईं। इसके बाद परिवार का शक यकीन में बदल गया।

घर लौटते समय का व्यवहार: परिवार ने जब आपस में चर्चा की और सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो देखा कि घर लौटते समय सिया के चेहरे पर न तो कोई शिकन थी और न ही वह रो रही थी। इसके बाद परिवार ने सीधे पुलिस से संपर्क किया।

चैट डिलीट करने का खेल

पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान आरोपी सिया गोयल ने जो वजह बताई उसने सबको हैरान कर दिया। सिया का दावा है कि वह केतन के विग पहनने की आदत और उसकी आवाज में हल्का तुतलापन होने के कारण उसे नापसंद करती थी और इसी वजह से उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। हालांकि, केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि रिश्ता तय होने से बहुत पहले ही सिया और उसके परिवार को साफ-साफ बता दिया गया था कि केतन विग पहनता है।

सबूत मिटाने की कोशिश

पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन ने हत्या के पहले और बाद के सभी मोबाइल चैट्स डिलीट कर दिए थे। यहां तक कि उन्होंने फोन के रीसायकल बिन को भी खाली कर दिया था। अब दोनों के मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि डेटा रिकवर किया जा सके।

3 बड़े सुराग, जिससे बेनकाब हुई सिया

पूरी प्लानिंग को अंजाम देने के बाद भी सिया और चेतन कानून की नजरों से बच नहीं सके। पुलिस को जांच में तीन ऐसे अहम सुराग मिले, जिसने केस का रुख मोड़ दिया। केतन एक अनुभवी ट्रेकर था, इसलिए उसकी बहन को पहले ही दिन से लग रहा था कि वह इतनी आसानी से पैर फिसलने के कारण नहीं गिर सकता। बहन के इनपुट्स के बाद ही पिता ने पुलिस से लव-ट्रैंगल की जांच करने की मांग की थी।

तपती गर्मी में हुडी पहने वो लड़का

पुलिस ने जब लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो सीढ़ियों पर एक संदिग्ध लड़का नजर आया। जून की भीषण गर्मी और चढ़ाई के बावजूद उसने हुडी पहन रखी थी और लगातार अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। वह कोई और नहीं, बल्कि चेतन चौधरी था जो केतन और सिया का पीछा कर रहा था।

2000 से ज्यादा कॉल्स

जब पुलिस ने सिया की कॉल डिटेल्स निकाली तो होश उड़ गए। जनवरी से लेकर 18 जून की सुबह 7 बजे तक सिया ने एक ही नंबर पर 2004 बार कॉल की थी। दोनों के बीच करीब 338 घंटे बात हुई थी। यानी रोज औसतन 11 कॉल और 2 घंटे बातचीत। यह नंबर पुणे के ही एक कारोबारी के बेटे चेतन चौधरी का था।

किस तारीख पर क्या हुआ?

31 मई- केतन को ट्रेकिंग का शौक था। वह सिया को लोहगढ़ किला लेकर गया। वहां सबसे ऊंची चोटी के खतरनाक कोने पर बैठे केतन को देखकर सिया के मन में पहली बार उसे खाई में धकेलने का विचार आया।

5 जून- सिया ने दोबारा वहां जाने की जिद की, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। 6 जून को केतन, उसकी बहन और सिया को बाली जाना था। सिया ने केतन का पासपोर्ट अपने पास छिपा दिया ताकि उसे बाली न जाना पड़े।

14 जून- सिया के कहने पर दोनों फिर किले पहुंचे। सिया ने केतन को पीछे से धक्का दिया, लेकिन किस्मत से वह एक पेड़ के सहारे अटक गया। जब केतन ने पूछा कि धक्का क्यों दिया तो सिया ने झूठ बोल दिया—"वहां सांप था, तुम्हें बचाने के लिए ऐसा किया।" केतन ने घर आकर सिया की तारीफ भी की थी।

17 जून- मर्डर से एक दिन पहले सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले। उन्होंने जगह फाइनल की और बैकअप प्लान भी बनाया कि अगर केतन खाई से गिरकर बच गया तो 20 जून के बाद उसे एक सड़क हादसे में मार दिया जाएगा।

18 जून- 19 जून को सिया का जन्मदिन था, जिसके लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। लेकिन सिया उसे प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने फिर लोहगढ़ ले गई। वहां मौका देखकर सिया और पीछे चल रहे चेतन ने केतन को खाई में धकेल दिया।

इस पूरे मामले पर दोनों परिवारों के माता-पिता के बयान भी सामने आए हैं। सिया की मां पूजा गोयल ने कहा, "मेरी बेटी इस शादी से बहुत खुश थी। सगाई के बाद वह सिर्फ केतन से बात करती थी। हमें चेतन के बारे में कुछ नहीं पता था। लेकिन अगर जांच में मेरी बेटी दोषी पाई जाती है तो उसे भी सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उसे भी उसी खाई में फेंक देना चाहिए जहां से केतन को धकेला गया।"

सिया के पिता प्रवीण गोयल ने कहा, "सिया ने खुद मुझसे इस लड़के से शादी करने के लिए कहा था। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। यहां तक कि एक बार केतन सुबह 4 बजे सिया से मिलने हमारे घर आया था। 18 जून को भी केतन ही सिया को फोन कर कार से लोहगढ़ ले गया था।"

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा, "केतन को सिया के अफेयर की भनक नहीं थी, लेकिन सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहने की वजह से वह थोड़ा परेशान जरूर था। उसने हमसे पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी निकाल ली गई है? तब हमने रिश्तेदारों के भरोसे हां कह दिया था। अगर हमें अफेयर का पता होता तो यह रिश्ता कभी न जुड़ता।"

मर्डर के इस खौफनाक सच के पीछे सोशल मीडिया की एक बेहद खूबसूरत लेकिन झूठी दुनिया भी थी। सिया अपनी प्रोफाइल पर केतन के साथ लगातार रोमांटिक तस्वीरें, प्रपोजल के वीडियो और डांस क्लिप्स शेयर करती थी। नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट की जा रही थीं। सगाई के एक महीने बाद उसने केक की तस्वीर शेयर कर लिखा था, "एक महीना हो गया जब मेरे दिल को अपना घर मिल गया।" लेकिन पर्दे के पीछे वह उसी घर को उजाड़ने की साजिश रच रही थी।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगी सुनवाई

इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और उन्हें त्वरित न्याय का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने की मंजूरी दे दी है। दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


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