केरल के नए सीएम वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण में पहुंचेंगे राहुल गांधी, देख लीजिए मंत्रियो की लिस्ट
केरल में आज मुख्यमंत्री और 20 मंत्रियों का शपथ ग्रहण होने जा रहा है। वीडी सतीशन मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं। वहीं मंत्रिमंडल में केसी वेणुगोपाल गुट का दबदबा देखने को मिल रहा है। 14 विधायक पहली बार मंत्री बन रहे हैं।

केरल में आज यूडीएफ की सरकार का शपथ ग्रहण होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव में यूडीएफ गठबंधन को 140 में से 102 सीटों पर सफलता मिली थी। इसके बाद कांग्रेस ने वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने का फैसलाा किया है। सोमवार को वीडी सतीशन के साथ 20 मंत्री शपथ लेंगे। सतीशन ने इन 20 लोगों की नाम राज्याल को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि सतीशन मंत्रिमंडल में केसी वेणुगोपाल के गुट की अच्छी संख्या रहने वाली है। वहीं वित्त मंत्रालय सतीशन खुद अपने पास रख सकते हैं। गृह और सतर्कता विभाग रमेश चेन्निथला को मिल कते हैं।
पहली बार मंत्री बनेंगे 14 विधायक
सतीशन ने बताया कि उनके मंत्रिमंडल में 14 सदस्य ऐसे होंगे जो पहली बार मंत्री बनेंगे, जिनमें दो महिलाएं और अनुसूचित जाति समुदाय के दो सदस्य शामिल हैं। आईयूएमएल सहित सहयोगी दलों को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, जो कल शपथ ग्रहण करेगा। नामित मुख्यमंत्री ने लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को मंत्रियों की सूची सौंपने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गठबंधन के नेताओं के बीच चर्चा के बाद सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नामों को अंतिम रूप दिया गया है।
सतीशन ने मुख्यमंत्री बनने पर यात्रा के दौरान छोटे काफिले का इस्तेमाल करने के निर्णय पर कहा कि वह नेहरूवादी समाजवादी हैं और जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल के 14 सदस्य नए चेहरे हैं। सतीशन द्वारा घोषित भावी मंत्रियों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और ए पी अनिल कुमार के अलावा केपीसीसी प्रमुख सनी जोसेफ शामिल हैं।
सहयोगी पार्टियों के मंत्री
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के वरिष्ठ नेता पी के कुन्हालीकुट्टी, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) नेता शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस नेता मॉन्स जोसेफ और केरल कांग्रेस (जैकब) नेता अनूप जैकब भी मंत्री बनेंगे। इन सभी ने पिछली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया है। सतीशन मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नए चेहरों में सी पी जॉन और आईयूएमएल के नेता एन शम्सुद्दीन, के एम शाजी, पी के बशीर और वी ई अब्दुल गफूर शामिल हैं। कांग्रेस के नेता पी सी विष्णुनाद, रोजी एम जॉन, बिंदू कृष्णा, टी सिद्दीकी, के ए तुलसी और ओ जे जनीश भी पहली बार मंत्रिमंडल का हिस्सा होंगे।
यूडीएफ ने वरिष्ठ विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष नामित करने का भी निर्णय लिया है, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। सतीशन के कार्यालय ने बाद में सूचित किया कि थोडुपुझा से निर्वाचित केरल कांग्रेस अध्यक्ष पी.जे. जोसेफ के बेटे अपू जॉन जोसेफ विधानसभा में यूडीएफ के चीफ विप होंगे। सतीशन ने कहा कि कांग्रेस को 63 सीटें मिलने के बावजूद कई योग्य नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी। उन्होंने इसे राज्य में पार्टी की सबसे बड़ी जीत में से एक बताया।
उन्होंने कहा, 'नए चेहरों को आने दीजिए। सभी के लिए अवसर होना चाहिए।' सतीशन से जब कुछ प्रमुख नामों को शामिल न किए जाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसे अन्य लोग भी हो सकते हैं जो समान रूप से या अधिक योग्य हों। उन्होंने कहा, 'हालांकि, जब कांग्रेस जैसी पार्टी निर्णय लेती है, तो सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन जैसे कारकों पर विचार करना पड़ता है। ऐतिहासिक जीत के बाद हमारे पास 63 विधायक हैं, लेकिन मंत्रिमंडल में केवल 11 को ही जगह दे पाए हैं।' सतीशन ने विभागों के आवंटन के संबंध में कहा कि इसे लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है और गठबंधन के घटकों के साथ इस पर आगे चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा,'आम तौर पर शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल को विभागों संबंधी विवरण प्रस्तुत किए जाते हैं। हम इन्हें सोमवार को प्रस्तुत करेंगे। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे राजपत्र अधिसूचना के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।'
राहुल गांधी भी होंगे शामिल
नामित मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन के साझेदारों के साथ विभागों के बंटवारे पर सहमति बन गई है और आगे इस पर चर्चा की जाएगी। सतीशन ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कई मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है और वे बाद में शामिल हो सकते हैं।
सतीशन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम और आईयूएमएल के नेताओं के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जहां पिछले मंत्रिमंडल में कोई अनुसूचित जाति का मंत्री नहीं था, वहीं नए मंत्रिमंडल में दो अनुसूचित जाति के मंत्री शामिल होंगे। सतीशन ने कहा, 'केरल में कांग्रेस के हालिया इतिहास में केवल दो महिला मंत्री रही हैं, और एक महिला को ही विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया है।'
उन्होंने मंत्रिमंडल के निर्णयों पर कहा कि पहली बैठक के तुरंत बाद घोषणाएं की जाएंगी। सतीशन ने कहा, 'हमने जो भी वादे किए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। हम यहां जनता की आकांक्षाओं को साकार करने आए हैं।' उन्होंने गुटबाजी के कयासों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी कांग्रेस नेता ने मंत्रियों के चयन को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की। सतीशन ने कहा, 'सूची में कौन सा गुट शामिल है? किसी भी कांग्रेस नेता ने किसी व्यक्ति को प्रभावित नहीं किया। पहली सूची महज 10 मिनट में तैयार की गई थी। बाद में विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए चर्चाएं हुईं।'
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की सूची शनिवार शाम को तैयार की गई और रविवार शाम को राज्यपाल को सौंप दी गई। सतीशन ने कहा, 'यह कांग्रेस और गठबंधन सहयोगियों के बीच सहयोग के कारण संभव हो पाया।' उन्होंने मंत्री पद आवंटन को लेकर केरल कांग्रेस (जे) के नेता पी जे जोसेफ के साथ मतभेद होने से भी इनकार किया।
सतीशन ने कहा कि शिवगिरि मठ के प्रतिनिधियों ने दिन में हुई बैठक के दौरान कोई सूची प्रस्तुत नहीं की। मुख्यमंत्री के बड़े काफिले से बचने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सतीशन ने कहा कि उन्होंने पुलिस को सुरक्षा दल सीमित करने के लिए कहा था, हालांकि कुछ सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य था। उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ तीन वाहनों का काफिला चाहता हूं। पहले लगभग 30 वाहनों का काफिला होता था, जिसमें एक एम्बुलेंस भी शामिल होती थी। लेकिन मैं किसी मुख्यमंत्री को दोष नहीं दे रहा हूं। यह मुख्यमंत्री को दी जाने वाली जेड-प्लस सुरक्षा श्रेणी का हिस्सा है, जिसकी निगरानी केंद्र सरकार भी करती है।'
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लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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