मौत के करीब पहुंच रही हूं, छात्रा के संदेश पर स्कूल ने की अनोखी पहल; फिर हुआ कुछ ऐसा

Jan 17, 2026 07:29 pm ISTDeepak Mishra भाषा, कासरगोड/त्रिशूर (केरल)
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राज्य के त्रिशूर में जारी केरल स्कूल कला महोत्सव में सिया फातिमा भाग लेने की इच्छुक थीं। लेकिन वास्कुलिटिस नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के कारण डॉक्टरों ने उसे यात्रा न करने की सलाह दी थी।

मौत के करीब पहुंच रही हूं, छात्रा के संदेश पर स्कूल ने की अनोखी पहल; फिर हुआ कुछ ऐसा

राज्य के त्रिशूर में जारी केरल स्कूल कला महोत्सव में सिया फातिमा भाग लेने की इच्छुक थीं। लेकिन वास्कुलिटिस नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के कारण डॉक्टरों ने उसे यात्रा न करने की सलाह दी थी। इसी वजह से वह कासरगोड से त्रिशूर जाकर महोत्सव में शामिल नहीं हो पा रही थी। सिया फातिमा ने अपनी इच्छा के बारे में राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी को अवगत कराया। इसके बाद, कला महोत्सव के इतिहास में पहली बार मंत्री ने उसे ऑनलाइन माध्यम से अरबी पोस्टर डिजाइनिंग प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, फातिमा ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और ‘ए’ ग्रेड हासिल किया।

विशेष आदेश जारी
त्रिशूर में उत्सव स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवनकुट्टी ने कहा कि फातिमा ने उन्हें बताया था कि वह मौत के करीब पहुंच रही है और उसकी इच्छा इस महोत्सव में भाग लेने की थी। उन्होंने कहा कि इसीलिए विशेष आदेश जारी कर उन्हें अनुमति दी गई। कला महोत्सव के पिछले 63 संस्करणों में ऐसा कभी नहीं हुआ। यह 64वें संस्करण की एक खास विशेषता है। राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने भी शिवनकुट्टी के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि त्रिशूर में उन्होंने एक दुर्लभ और ऐतिहासिक घटना देखी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी इस निर्णय की प्रशंसा की है।

पिता ने क्या बताया
इस बीच, फातिमा के पिता मुनीर ने कासरगोड में पत्रकारों को बताया कि उनकी बेटी महोत्सव में भाग लेने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ थी और एम्बुलेंस से त्रिशूर जाने को भी तैयार थी। इसी कारण उसने मंत्री को अपनी इच्छा के बारे में संदेश भेजा था। उन्होंने बताया कि फातिमा वास्कुलिटिस से पीड़ित हैं, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी प्रभावित हुई है और उनका इलाज कन्नूर के बेबी मेमोरियल अस्पताल में जारी है। वास्कुलिटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें रक्त वाहिकाओं में सूजन आ जाती है और रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। मुनीर ने कहा कि वह इस कार्यक्रम में भाग ले सकी, इससे बहुत खुश है। उसने अपने दर्द को भी जैसे भूल ही लिया।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

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दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 17 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और मोबाइल वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के साथ काम करते हुए कई वीडियो स्टोरीज पर काम किया। इसी दौरान आईपीएल पर पॉडकास्ट के साथ एक अन्य पॉडकास्ट ‘शहर का किस्सा’ भी कर चुके हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत हुई। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया है। आई नेक्स्ट की डिजिटल विंग में काम करते हुए कई नए और रोचक प्रयोग किए। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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