
केरल में प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, रास्ता भटकने के कारण समझ लिया गया चोर
रामनारायण की मौत भीड़ की ओर से बुरी तरह पीटने के दौरान लगी चोटों के कारण हुई। रिश्तेदार ने बताया कि रामनारायण चार दिन पहले काम की तलाश में केरल आया था और यहां मिली नौकरी पसंद न आने के कारण वह घर लौट रहा था।
केरल के पलक्कड़ में चोरी के शक में छत्तीसगढ़ के मजदूर को पीट-पीटकर मार डाला गया। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वालयार थाने के अधिकारी ने बताया कि पांचों लोगों की गिरफ्तारी गुरुवार देर रात औपचारिक रूप से दर्ज की गई। सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को शुक्रवार को पलक्कड़ की अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने पहले बताया था कि मृतक की पहचान 31 वर्षीय रामनारायण भायर के रूप में हुई। वह झारखंड का रहने वाला था लेकिन बाद में पता चला कि वह छत्तीसगढ़ का मूल निवासी था।
रामनारायण के एक रिश्तेदार ने बताया कि पुलिस के मुताबिक, रामनारायण की मौत भीड़ की ओर से बुरी तरह पीटने के दौरान लगी चोटों के कारण हुई। रिश्तेदार ने बताया कि रामनारायण चार दिन पहले काम की तलाश में केरल आया था और यहां मिली नौकरी पसंद न आने के कारण वह घर लौट रहा था। उन्होंने बताया, 'रामनारायण इस इलाके में नया था और रास्तों से अनजान होने के कारण भटक गया। नतीजतन, वह उस जगह पहुंच गया जहां यह घटना घटी। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। आप छत्तीसगढ़ पुलिस से पता कर सकते हैं।'
मृतक रामनारायण के 2 बच्चे
रिश्तेदार ने बताया, 'रामनारायण एक नेक इंसान था। उसके 2 बच्चे थे, जिनकी उम्र आठ और 10 साल है। उसकी एकमात्र कमजोरी शराब थी। वह कभी किसी से झगड़ा नहीं करता था और न ही झगड़े में पड़ता था।' पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम को रामनारायण पर कुछ लोगों ने हमला किया था। उनका आरोप था कि वह वालयार के पास किझाकेट्टप्पल्लम में चोरी में शामिल था। प्राथमिकी के अनुसार, घटना देर शाम सात बजकर 40 मिनट पर हुई और घायल रामनारायण को पलक्कड़ जिला सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।





