ऐप से लिया लोन, एक दिन में 96 बार आया फोन; दलित छात्र की मौत पर क्यों मचा भारी बवाल?
केरल के कन्नूर में दलित मेडिकल छात्र नितिन राज की आत्महत्या ने सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें कैसे कॉलेज में जातिगत भेदभाव और एक ऑनलाइन लोन ऐप की धमकियों ने एक होनहार छात्र की जान ले ली। पढ़ें पूरी खबर।

केरल के कन्नूर जिले में 22 वर्षीय दलित मेडिकल छात्र नितिन राज आर एल की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। शुक्रवार को कन्नूर डेंटल कॉलेज कैंपस की एक इमारत से गिरने के कारण नितिन की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे केरल में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि नितिन न केवल कॉलेज में जातिगत भेदभाव का सामना कर रहा था, बल्कि एक ऑनलाइन लोन ऐप के कर्ज और धमकियों के कारण भी भारी मानसिक दबाव में था। नितिन तिरुवनंतपुरम के उझामलक्कल गांव का रहने वाला था। आरोप है कि कॉलेज के कुछ शिक्षक उसकी जाति, उसके रंग और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
ऑनलाइन लोन ऐप की धमकियां
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर निधिनराज पी ने बताया कि नितिन ने फरवरी में एक ऑनलाइन लोन ऐप से 13500 रुपये का कर्ज लिया था। यह ऐप बहुत ज्यादा ब्याज वसूल रहा था और एक महीने के अंदर 19,000 रुपये चुकाने का दबाव बना रहा था। नितिन ने मौत से चार दिन पहले 6 अप्रैल को 1,000 रुपये चुकाए भी थे। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया लिंक्स के जरिए डाउनलोड किया गया था। इस ऐप ने नितिन के फोन के कॉन्टैक्ट्स (नंबरों) तक अपनी पहुंच बना ली थी।
मौत से ठीक पहले क्या हुआ?
रिपोर्ट के मुाबिक, मौत से एक दिन पहले, लोन ऐप वालों ने नितिन को डराने-धमकाने के लिए 96 बार कॉल और मैसेज किए। ऐप वालों ने नितिन के एक शिक्षक को भी उसी दिन 26 बार कॉल किए। शिक्षक ने इसकी शिकायत कॉलेज के प्रिंसिपल से की। इसके बाद प्रिंसिपल ने नितिन को अपने केबिन में बुलाया। पुलिस का कहना है कि प्रिंसिपल के केबिन से बाहर आने के महज 10 मिनट बाद ही नितिन ने इमारत से छलांग लगा दी।
पुलिस का मानना है कि नितिन पहले से ही कॉलेज में होने वाले भेदभाव से परेशान था और जब उसे लगा कि उसकी वजह से उसके शिक्षक को भी परेशानी उठानी पड़ी, तो इस मानसिक बोझ ने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, नितिन के परिवार को शक है कि उसकी मौत के पीछे कोई साजिश या हत्या भी हो सकती है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कॉलेज के दो शिक्षकों (जिनमें एक विभाग के प्रमुख भी शामिल हैं) को आरोपी बनाया गया है। लोन ऐप चलाने वालों की भी तलाश की जा रही है। कन्नूर डेंटल कॉलेज 'केरल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज' से संबद्ध है। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. मोहनन कुन्नुमेल ने इस मामले की जांच के लिए 4 सदस्यों की एक उच्च स्तरीय टीम बनाई है। उन्होंने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है और रिपोर्ट सीधे राज्यपाल (जो यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं) को सौंपी जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और परिवार को मदद
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बीआर अंबेडकर की जयंती पर इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में ऐसा जातिगत भेदभाव कभी माफ न किया जाने वाला अपराध है। उन्होंने रोहित वेमुला एक्ट लागू न करने पर केंद्र सरकार की भी आलोचना की।
विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने घोषणा की है कि कांग्रेस पार्टी नितिन के परिवार के लिए एक नया घर बनवाएगी। शुरुआत के तौर पर परिवार को 5 लाख रुपये की मदद दी गई है। नितिन के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और मां मनरेगा में काम करती हैं। फिलहाल, डेंटल कॉलेज के छात्र आरोपी शिक्षकों और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
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