
सबरीमाला का सोना चुराने वाले आरोपी सोनिया गांधी तक कैसे पहुंचे? केरल CM का बड़ा हमला
इस मामले में मुख्य आरोपी पोट्टी को 17 अक्टूबर को विशेष जांच दल ने हिरासत में लिया था। एसआईटी ने अपनी दूसरी रिपोर्ट में त्रावणकोर देवस्वॉम बोर्ड की बैठकों की कार्यवाही में गंभीर अनियमितताओं का भी खुलासा किया है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सबरीमला गोल्ड चोरी मामले में यूडीएफ संयोजक और कांग्रेस सांसद अडूर प्रकाश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह विवाद उस समय और गहरा गया जब एक तस्वीर सामने आई, जिसमें कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, अडूर प्रकाश और इस मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी एक साथ दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री विजयन ने सवाल उठाया कि उन्नीकृष्णन पोट्टी जैसी शख्सियत सोनिया गांधी तक कैसे पहुंची। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर पहले भी चर्चा में आई थी और इसमें पथानमथिट्टा से जुड़े दो लोग सोनिया गांधी के पास दिखाई देते हैं, जिनमें से एक अडूर प्रकाश थे, जो उस समय वहां से सांसद थे। विजयन ने कहा कि अब वही पोट्टी इस मामले में प्रमुख आरोपी बनकर सामने आया है।
हाल ही में सामने आई एक तस्वीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले के संदर्भ में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) संयोजक अडूर प्रकाश का नाम सामने आया है। उन्होंने पूछा- अडूर प्रकाश और पथनमथिट्टा के सांसद (एंटो एंटनी) के अलावा तस्वीर में सोनिया गांधी के साथ खड़े दिख रहे अन्य दो लोग कौन हैं?
मुख्यमंत्री ने कहा- यह बताया गया कि पोट्टी को वहां ‘लाया गया’ था। सवाल यह है कि वह पहली बार कहां लाया गया और किस मौके पर। पोट्टी अकेला नहीं था, उसके साथ कुछ और लोग भी थे, जिनमें एक व्यापारी शामिल था, जिसे जांच दल ने सोना खरीदने वाला व्यक्ति बताया है। उन्होंने आगे कई सवाल उठाते हुए कहा कि इतने उच्च सुरक्षा घेरे में रहने वाली राष्ट्रीय नेता तक ये लोग एक साथ कैसे पहुंचे। विजयन ने पूछा कि क्या अडूर प्रकाश हर बार पोट्टी के बुलाने पर वहां पहुंच जाते हैं और आखिर इन सभी लोगों का एक साथ आना कैसे संभव हुआ।
यह पूरा विवाद तब उभरा जब अडूर प्रकाश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव पी. सासी ही उन मीडिया रिपोर्टों के पीछे हैं, जिनमें कहा गया था कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उन्हें सबरीमला गोल्ड चोरी मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। इन आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि इस तरह के आरोप आदतन लगाए जा रहे हैं और इनका मकसद जांच से ध्यान भटकाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में हो रही जांच केरल उच्च न्यायालय की प्रत्यक्ष निगरानी में चल रही है और यह बात सभी को अच्छी तरह मालूम है।
सबरीमला स्वर्ण विवाद सबरीमला अयप्पा मंदिर में सोने की परत चढ़ाने से जुड़ी अनियमितताओं से संबंधित है। यह मामला 1998 के उस दान से जुड़ा है, जब उद्योगपति विजय माल्या ने मंदिर के गर्भगृह और लकड़ी की नक्काशियों पर चढ़ाने के लिए 30.3 किलोग्राम सोना और 1,900 किलोग्राम तांबा दान किया था।
इस मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को 17 अक्टूबर को विशेष जांच दल ने हिरासत में लिया था। एसआईटी ने अपनी दूसरी रिपोर्ट में त्रावणकोर देवस्वॉम बोर्ड की बैठकों की कार्यवाही में गंभीर अनियमितताओं का भी खुलासा किया है। सोमवार को जांच को आगे बढ़ाते हुए एसआईटी ने एक और गिरफ्तारी की और त्रावणकोर देवस्वॉम बोर्ड के पूर्व सदस्य विजयकुमार को तिरुवनंतपुरम से हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।





