Explainer: सतीशन बने सीएम तो चेन्निथला और वेणुगोपाल भी कम नहीं, क्यों कही जा रही साढ़े तीन मुख्यमंत्री वाली बात?
वेणुगोपाल को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और अंत में उन्हें संतोष करना पड़ा। इसके अलावा चेन्निथला भी सीएम की रेस से हट गए। इस तरह केरल की नई सरकार का रास्ता साफ हुआ, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इसे अकेले सतीशन के हवाले नहीं किया है। उसने बैलेंस बनाकर चेन्निथला और वेणुगोपाल को भी महत्व दिया है।

केरल की नई बनी सरकार के मुखिया के तौर पर कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने शपथ ले ली है। 4 मई को नतीजे आने के बाद करीब 10 दिनों का वक्त लगा और लंबी खींचतान से गुजरते हुए कांग्रेस ने वीडी सतीशन का नाम तय किया था। उनके मुकाबले सीनियर नेता रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल भी रेस में थे। वेणुगोपाल को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और अंत में उन्हें संतोष करना पड़ा। इसके अलावा चेन्निथला भी सीएम की रेस से हट गए। इस तरह केरल की नई सरकार का रास्ता साफ हुआ, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इसे अकेले सतीशन के हवाले नहीं किया है। उसने बैलेंस बनाते हुए चेन्निथला और वेणुगोपाल को भी महत्व दिया है।
सतीशन सरकार में चेन्निथला भी बेहद मजबूत होंगे। उन्हें होम मिनिस्ट्री और विजिलेंस की जिम्मेदारी मिली है। आमतौर पर यह विभाग मुख्यमंत्री अपने पास ही रखते रहे हैं। ऐसे में यदि किसी अन्य नेता को गृह मंत्रालय मिल रहा है तो समझा जा सकता है कि सरकार में उसका क्या कद होगा। इसके अलावा केसी वेणुगोपाल के समर्थकों को भी महत्वपूर्ण विभाग मिल रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कुल 11 मंत्री ऐसे हैं, जो वेणुगोपाल के करीबी हैं। वहीं रमेश चेन्निथला को यह भरोसा दिया गया था कि आपको अहम मंत्रालय मिलेंगे और फिर होम मिनिस्ट्री दी गई। इसी के बाद वह सरकार में शामिल होने के लिए राजी हुए।
अब बात करें 22 विधायकों वाली इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की तो उसके भी कुल 5 मंत्री केरल सरकार का हिस्सा होंगे। इस तरह 9 मंत्रालय कांग्रेस ने सहयोगी दलों को देने का फैसला लिया है। इसी को लेकर कहा जा रहा है कि केरल सरकार में एक सतीशन ही नहीं बल्कि साढ़े तीन मुख्यमंत्री होंगे। इन साढ़े तीन मुख्यमंत्रियों में से तीन तो वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला ही बताए जा रहे हैं। वहीं आधा सीएम मुस्लिम लीग को कहा जा रहा है। दरअसल सरकार गठन में शामिल मंत्रियों की सूची ही ऐसी है कि इसे पावर बैलेंस के तौर पर देखा जा रहा है।
कैबिनेट में ही होंगे दो पावर सेंटर, चेन्निथला की बढ़ी ताकत
जानकार मानते हैं कि वीडी सतीशन के लिए खुलकर फैसले लेना आसान नहीं होगा क्योंकि पावर सेंटर के रूप में रमेश चेन्निथला कैबिनेट में ही होंगे। इसके अलावा वेणुगोपाल भले ही सरकार से बाहर हैं, लेकिन केरल में उनका प्रभाव किसी भी तरह से कम नहीं होगा। इस बीच भाजपा ने भी निशाना साधा है और उसका कहना है कि केरल में सीएम का जो चेहरा चुना गया है, उसमें ही मुस्लिम लीग की छाप दिखती है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को मजबूर होकर ऐसा सीएम चुनना पड़ा है, जो मुस्लिम लीग की पसंद का है। इससे दिखता है कि कांग्रेस पर मुस्लिम लीग की पकड़ कितनी मजबूत है।
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