घर में सोना-चांदी रखने पर भी लगता है इनकम टैक्स? ट्राइब्यूनल ने सुनाया बड़ा फैसला; महिला को राहत
नवी मुंबई की रहने वाली एक महिला के घर से और बैंक लॉकर से जो सोना और चांदी मिला उसका बड़ा हिस्सा अघोषित आय में शामिल किया गया। हालांकि इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल के फैसले के बाद उसे बड़ी राहत मिली है।

घर में सोना-चांदी रखने या फिर खरीदने पर भी क्या इनकम टैक्स देना पड़ सकता है? मुंबई में एक महिला के घर से लाखों रुपये का सोना और चांदी पाया गया। इनकम टैक्स की छापेमारी के बाद उनपर इनकम टैक्स चुराने का आरोप लगाया गया। हालांकि इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया और इसके बाद उनका 11.23 लाख रुपये का लंबित इनकम टैक्स रिकॉर्ड से डिलीट कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने बैंक लॉकर और घर में रखे गए सोने और चांदी की जूलरी को अघोषित इनकम बताया था।
उपहार में या परिवार से मिला सोना अघोषित आय नहीं
ट्राइब्यूलन के आदेश में कहा गया कि यह सारा सोना औरर चांदी शादी में उपहार, अपने पूर्वजों या फिर परिवार से मिला है। नवी मुंबई की रहने वाली स्मिता केलकर के घर पर आईटी विभाग ने छापा मारा था। इसके साथ ही उनके बैंक लॉकर से भी जानकारी ली गई थी। छापे के दौरान उनके घर से 392.71 ग्राम सोने के गहने, 92 ग्राम शुद्ध सोना, डायमंड जूलरी और 800 ग्राम के चांदी के सिक्के पाए गए थे।
इसके अलावा दो बैंकों के लॉकर में 35 ग्राम की सोने की जूलरी, 166 ग्राम शुद्ध सोना और 10.4 किलोग्राम के चांदी मिश्रित सिक्के थे। ट्राइब्यूनल ने कहा कि यह सारा सोना और चांदी मिलाकर लगभग 29.49 लाख का है। केलकर ने ट्राइब्यूनल को बताया कि यह सारा सोना और चांदी लंबे समय में जमा किया गया है। कुछ उन्हें अपनी मां से और कुछ सास से मिला है। उन्होंने कहा कि मां के निधन के बाद भी उनकी जूलरी उन्हें मिली।
ITAT के आदेश के मुताबिक पांच साल में उनकी कुल आय लगभग 4.455 करोड़ थी। वहीं जो सोना उन्होंने खरीदा था उसका बिल भी मौजूद था.। असेसिंग ऑफिसर ने परिवार में 700 ग्राम तक सोने को बेंचमार्क माना है। वहीं इससे ज्यादा के सोने पर इनकम टैक्स लगाया गया था। वहीं बाद में केवल 258 ग्राम सोने और 3.12 लाख रुपये के सिल्वर पर ही टैक्स लगाया गया जो कि प्योर खरीदा गया था। यह किसी तरह की जूलरी नहीं थी।
ट्राइब्यूनल ने कहा कि सोने और चांदी के बहुत सारे गहने बहुत पुराने हैं। यह परिवार से मिला है। टैक्सपेयर ने बताया है कि यह सोना और चांदी कहां से आया है। ट्राइब्यूनल ने कहा कि विभाग ने यह नहीं बताया है कि यह शुद्ध सोना उसी साल खरीदा गया था जब का इनकम टैक्स जोड़ा जा रहा है। बिल ना होना ही यह बताने के लिए काफी नहीं है कि यह सब अघोषित आय है। इसके बाद ट्राइब्यूनल ने कुल 11.23 लाख का टैक्स डिलीट करवा दिया।


