'कौन रोकता है, वे अपने घर जाएं', कश्मीरी पंडितों की वापसी के सवाल पर बोले फारूख अब्दुल्ला

Jan 19, 2026 12:55 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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कश्मीरी पंडित पलायन दिवस 19 जनवरी को मनाया जाता है। कश्मीरी हिंदुओं के लिए यह एक दुखद याद है। 19 जनवरी 1990 की रात कश्मीर घाटी में बढ़ती उग्रवाद और इस्लामी कट्टरता के कारण सबसे काला अध्याय साबित हुई।

'कौन रोकता है, वे अपने घर जाएं', कश्मीरी पंडितों की वापसी के सवाल पर बोले फारूख अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडित पलायन दिवस पर 'घर वापसी' की बात कही है। सोमवार को पत्रकारों ने फारूक से पूछा कि कश्मीरी पंडित वापस आने की मांग कर रहे हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'उन्हें कौन रोकता है, किसी ने नहीं रोका। घर जाएं, वहां बहुत से पंडित रह रहे हैं, अपने गांव में आराम से बैठे हैं।' कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास पर उन्होंने कहा, 'मेरे वक्त में मैंने इनसे कहा था कि घर भी बना कर देंगे। उसके बाद हुकूमत चली गई। अब दिल्ली हुकूमत को देखना है।'

कश्मीरी पंडित पलायन दिवस पर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी की भी प्रतिक्रिया आई है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस की हमेशा मांग रही है कि कश्मीरी पंडित अगर कश्मीर में वापस आना चाहते हैं तो पुनर्वास किया जाए। कश्मीर की खूबसूरती कश्मीरी पंडितों के बिना अधूरी है। हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द फैसला लेगी और कश्मीरी पंडितों को अपने घर वापस लेकर जाएगी।'

करीबी 1 लाख कश्मीरी पंडितों का पलायन

कश्मीरी पंडित पलायन दिवस 19 जनवरी को मनाया जाता है। कश्मीरी हिंदुओं के लिए यह एक दुखद याद है। 19 जनवरी 1990 की रात कश्मीर घाटी में बढ़ती उग्रवाद और इस्लामी कट्टरता के कारण सबसे काला अध्याय साबित हुई। मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से काफिरों को मारने, धर्म परिवर्तन करने या घाटी छोड़ने की धमकियां दी गईं। हजारों कश्मीरी पंडितों को अपनी प्राचीन मातृभूमि छोड़कर पलायन करना पड़ा। अनुमान है कि 90 हजार से 1 लाख या इससे अधिक पंडित परिवारों ने घाटी छोड़ी, जो कुल आबादी का बड़ा हिस्सा थी। इस दौरान टारगेटेड हत्याओं, बलात्कार, लूट और संपत्ति को नष्ट करने जैसी वारदातों को भी अंजाम दिया गया।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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