
'मैं हिंदू हूं, कहने पर मारने लगे और 50 हजार रुपये भी लूट लिए'; कर्नाटक में पीड़ित का दावा
पीड़ित ने बताया कि वह किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा, लेकिन हमलावरों ने पीछा किया। उसे पकड़ लिया गया और फिर से मारपीट की गई। तभी एक बाइक सवार गुजरा, जिसे देखने के बाद हमलावर भाग गए।
कर्नाटक के शिवमोग्गा में एक व्यक्ति के साथ हमले और लूटपाट की घटना सामने आई है। पीड़ित का दावा है कि उसका धर्म पूछने के बाद उसके साथ यह वारदात हुई। FIR के अनुसार, हरीश नाम का व्यक्ति रात करीब 11:15 बजे सेकंड क्रॉस डाउन के पास पैदल जा रहा था, तभी चार लोगों ने उसे रोका और पूछा कि तुम मुस्लिम हो या हिंदू? इस पर उसने जवाब दिया कि मैं हिंदू हूं। यह सुनने के बाद उन लोगों ने उसके आंख और नाक पर मुक्के मारे। जेब से 50 हजार रुपये भी निकाल लिए। इसके बाद चाकू दिखाकर उसकी सोने की अंगूठी उतारने को कहा।
पीड़ित ने बताया कि वह किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा, लेकिन हमलावरों ने पीछा किया। उसे पकड़ लिया गया और फिर से मारपीट की गई। तभी एक बाइक सवार गुजरा, जिसे देखने के बाद हमलावर भाग गए। पीड़ित हरीश ने दो अस्पतालों में अपना इलाज कराया। वह डर के मारे दो दिन तक घर पर ही रहा। आखिरकार 17 नवंबर को उसने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
शिवमोग्गा के विधायक एसएन चन्नबसप्पा पीड़ित के साथ दोड्डापेटे पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिवमोग्गा पुलिस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शहर में पुलिसिंग की कोई व्यवस्था बची है? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी नागरिक विवादों में दखल दे रहे हैं, लेकिन जनता की सुरक्षा जैसे बुनियादी कर्तव्य की उपेक्षा कर रहे हैं। चन्नबसप्पा ने कहा कि शहर के लोग अब पुलिस के पास जाने से भी सुरक्षित महसूस नहीं करते। विधायकों को भी जनता की ओर से शिकायतें दर्ज करानी पड़ रही हैं। उन्होंने पुलिस विभाग पर शिकायतकर्ताओं की पहचान लीक करने का भी आरोप लगाया।





