
ठंड में बढ़ती मांग के बीच अंडे पर बवाल; कैंसर पैदा करने वाला तत्व होने का दावा, जांच के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि इन दावों की सत्यता साबित होने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से घबराने या भ्रम न फैलाने की अपील की और कहा कि अभी अंडे खाना बंद करने की कोई जरूरत नहीं है। मामला गंभीरता से लिया जा रहा है।
कर्नाटक सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल दावों की जांच करने का फैसला किया है, जिसमें एक खास ब्रांड के अंडों में कैंसर पैदा करने वाले जनोटॉक्सिक पदार्थ होने का आरोप लगाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने रविवार को कहा कि इन दावों की सत्यता साबित होने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से घबराने या भ्रम न फैलाने की अपील की और कहा कि अभी अंडे खाना बंद करने की कोई जरूरत नहीं है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि मामला गंभीरता से लिया जा रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि एक ब्रांड के अंडों की लेबोरेटरी जांच में नाइट्रोफ्यूरान और नाइट्रोइमिडाजोल जैसे पदार्थ मिले, जो पोल्ट्री फार्मिंग में प्रतिबंधित हैं। दिनेश गुंडू राव ने कहा, 'सबसे पहले हमें पता लगाना होगा कि टेस्ट किसने कराया और क्या यह वैज्ञानिक रूप से सही था। मैं फूड सेफ्टी एंड ड्रग कमिश्नर से बात करूंगा और पूरी जानकारी इकट्ठा करूंगा। अगर दावों में सच्चाई है, खासकर कैंसर से जोड़कर तो निश्चित रूप से उचित कदम उठाए जाएंगे।' उन्होंने कहा कि जानकारी जुटाने के आधार पर आगे टेस्टिंग की जरूरत तय की जाएगी।
हेल्थ मिनिस्टर की जनता से क्या अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पोल्ट्री फार्मिंग में बैक्टीरियल संक्रमण रोकने या अंडे उत्पादन बढ़ाने के लिए ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल होता है या नहीं, यह सत्यापित जानकारी के बिना टिप्पणी करना ठीक नहीं। उन्होंने कहा, 'क्या ऐसी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं, कौन कर रहा है, कौन सी कंपनी शामिल है और क्या अन्य भी ऐसा कर रहे हैं - इन सबकी जांच जरूरी है।' राव ने जिम्मेदाराना रवैया अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर कई दावे फैलते हैं, लेकिन बिना जांच के जल्दबाजी गलत होगी। उन्होंने वादा किया कि गहन जांच के बाद दो-तीन दिनों में अगला कदम उठाएंगे और लोग गैर-जरूरी चिंता न करें।



