
कर्नाटक संकट के बीच विधायकों से मिले डीके शिवकुमार, खरगे के बेटे बोले- सही समय पर फैसला
कर्नाटक में सीएम की कुर्सी की खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे का बयान आया है। इस बीच डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के कुछ विधायकों और नेताओं से मुलाकात की।
कर्नाटक में सीएम की कुर्सी की खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे का बयान आया है। उन्होंने कहा कि सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच की लड़ाई सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान के पास सही समय पर निर्णय लेने की समझ है। कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने शुक्रवार को कहा कि 130 साल पुरानी पार्टी सही समय पर दखल देगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सिद्धारमैया और शिवकुमार पार्टी आलाकमान के बुलाने पर बैठक के लिए दिल्ली जाने पर सहमत हो गए हैं। इस बीच डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के कुछ विधायकों और नेताओं से मुलाकात की।
क्या बोले प्रियंक खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियंक ने कहाकि नई दिल्ली में बैठक के बारे में किसी ने कोई आधिकारिक बुलावा या बयान नहीं दिया है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष या पार्टी महासचिव तथा कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला उन्हें बुलाते हैं तो वे दिल्ली जाएंगे। दिल्ली से बुलावा आने दीजिए, उसके बाद ही फैसला किया जाएगा। मौजूदा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर प्रियंक ने कहाकि आलाकमान को समय की समझ है। वह सही समय को ध्यान में रखते हुए फैसला करेगा। उन्होंने लोगों से और ज्यादा अटकलें नहीं लगाने की अपील की और कहा कि जब भी जरूरत होगी, आलाकमान दखल देगा।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को ढाई साल यानी आधा कार्यकाल पूरा कर लिया है। सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच 2023 में सरकार बनने के दौरान मुख्यमंत्री पद के कार्यकाल को लेकर समझौता होने के दावों की पृष्ठभूमि में सत्ता बदलने की संभावना को लेकर पार्टी के अंदर खींचतान तेज हो गई है।
डीके शिवकुमार ने क्या लिखा
वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कई कांग्रेस विधायकों और नेताओं से मुलाकात की। यह नेता और विधायक मल्लुरू, कोलार, मुलबागल और कुनिगल के थे। डीके शिवकुमार ने एक्स पर एक पोस्ट भी लिखी है। इसमें उन्होंने लिखा है कि आज, मल्लुरू के विधायक केआई नांजगौड़ा, कोलार से विधायक कोट्टूरु मंजूनाथ, मुल्बाबागल से कांग्रेस नेता आदिनारायण और प्रोफेसर राजीव गौड़ा ने मुझसे मुलाकात की और चर्चाएं कीं।
गौरतलब है कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले जाने की खबरें 20 नवंबर को उठीं। इसी दिन सीएम सिद्धारमैया ने ढाई साल का शासन पूरा किया था। एक तरफ सिद्धारमैया कह रहे हैं कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ डीके शिवकुमार कर्नाटक में सीएम फेस बदलने पर जोर रहे हैं। उनका कहना है कि कर्नाटक में सरकार बनते वक्त वरिष्ठ नेताओं के बीच इस बात पर एक गुप्त समझौता हुआ था कि ढाई साल के बाद उन्हें सीएम बना दिया जाएगा।





