हाईवे किनारे स्थित ढाबों पर छापेमारी, 1 लाख 45 हजार रुपये का ठोका जुर्माना; मची खलबली

Apr 11, 2026 04:38 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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छापेमारी का मकसद हाईवे पर उपलब्ध खाने की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने पाया कि कई ढाबों में खाना बनाने की प्रक्रिया, सामग्री की गुणवत्ता और सफाई के मानकों का पालन नहीं हो रहा था।

हाईवे किनारे स्थित ढाबों पर छापेमारी, 1 लाख 45 हजार रुपये का ठोका जुर्माना; मची खलबली

बेंगलुरु के हाईवे पर स्थित ढाबों में अचानक छापेमारी की गई, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने काफी सख्ती बरती। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेंगलुरु के प्रमुख हाईवे वाले 41 ढाबों की जांच की। यह छापेमारी आम जनता की शिकायतों के आधार पर की गई थी। जांच के दौरान कई ढाबों में स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता को लेकर उल्लंघन पाए गए। इनके चलते कुल 1.45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 16 सैंपल्स लैब टेस्ट के लिए भेजे गए ताकि खाने की गुणवत्ता की जांच की जा सके।

नेलमंगला-तुमकुरु रोड पर 8 ढाबों की जांच हुई, जहां 4 नमूने लिए गए और लगभग 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। नेलमंगला-कुनिगल स्ट्रेच पर 9 ढाबों की जांच की गई, यहां सबसे ज्यादा 85 हजार रुपये का पेनल्टी लगी। तुमकुरु-चित्रदुर्गा हाईवे पर 8 ढाबों में 4 सैंपल लिए गए और 30 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी तरह दावणगेरे और हावेरी के बीच 8 ढाबों की जांच हुई, जहां 3 नमूने कलेक्ट किए गए। ये सभी जगहें बेंगलुरु से निकलने वाले प्रमुख हाईवे हैं, जहां ट्रैवलर्स अक्सर रुकते हैं।

जांच में किन बातों पर दिया जोर

छापेमारी का मकसद हाईवे पर उपलब्ध खाने की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने पाया कि कई ढाबों में खाना बनाने की प्रक्रिया, सामग्री की गुणवत्ता और सफाई के मानकों का पालन नहीं हो रहा था। इससे यात्रियों की सेहत को खतरा हो सकता था। इस ड्राइव के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई हैं। विभाग का कहना है कि ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि ढाबा मालिक मानकों का पालन करें।

यह घटना हाईवे ढाबों में स्वच्छता बनाए रखने की जरूरत को दर्शाती है। यात्रियों को भी सतर्क रहना चाहिए और स्वच्छ जगहों पर ही भोजन करना चाहिए। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण मिलता है। 1.45 लाख रुपये के जुर्माने और नमूनों की जांच से साफ है कि खाद्य सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस पहल की तारीफ की है।

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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