भगवान सजा देगा; कर्नाटक में सीनियर से परेशान जूनियर अफसर ने ऑफिस में ही लगाई फांसी

Upendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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कर्नाटक में सामाजिक कल्याण विभाग में काम करने वाले एक जूनियर अधिकारी ने ऑफिस में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। यह कदम उठाने से पहले उन्होंने वीडियो में सीनियर अधिकारी के ऊपर परेशान करने का आरोप लगाया है।

भगवान सजा देगा; कर्नाटक में सीनियर से परेशान जूनियर अफसर ने ऑफिस में ही लगाई फांसी

कर्नाटक के जिले तुमाकुरू से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां पर सामाजिक कल्याण विभाग में काम करने वाले अफसर ने आत्महत्या कर ली है। मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड करके अपनी आत्महत्या के लिए विभाग में ही काम करने वाले सीनियर अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। घटना के बाद पुलिस फिलहाल सीनियर अधिकारी कृष्णप्पा से पूछताछ कर रही है। हालांकि, उन्होंने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक के तुमाकुरू जिले में सामाजिक कल्याण विभाग में सहायक निदेशक के पद पर तैनात मल्लिकार्जुन ने शुक्रवार शाम को सामाजिक कल्याण विभाग के कार्यालय में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले अपने सहयोगियों को भेजे गए वीडियो में मल्लिकार्जुन ने कहा कि उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि जिला निदेशक कृष्णप्पा द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा था।

आखिरी वीडियो में मल्लिकार्जुन ने गुंहरलहल्ली में रहने वाले अपने परिवार को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि परिवार ने उनके साथ हमेशा से उनके साथ अच्छा बर्ताव किया, लेकिन अब वह उनकी मदद नहीं कर सकते। इसके साथ ही उन्होंने परिवार को भी संदेश देते हुए कहा कि इस आत्महत्या के लिए वह किसी से बदला न लें, दोषी को भगवान और कानून ही सजा देगा।

अधिकारी ने भी वीडियो जारी किया आरोपों से इनकार

जूनियर अधिकारी के आत्महत्या को लेकर सवालों के घेरे में आए सीनियर अधिकारी कृष्णप्पा ने भी वीडियो जारी करके अपने आप को निर्दोष बताया। कृष्णप्पा ने एक वीडियो में बताया कि मल्लिकार्जुन के खिलाफ मुख्यालय से आई शिकायत के आधार पर नोटिस जारी किया गया था। उनके ऊपर अनियमितता बरतने का आरोप था। इन आरोपों की जांच के लिए दो अधिकारियों को भी नियुक्त किया गया था, लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन के रिटायर होने में सिर्फ दस दिन बचे हुए थे। इसलिए इस जांच का उनकी पेंशन पर भी कोई असर पड़ने की आशंका नहीं थी। कृष्णप्पा ने दावा किया कि उन्होंने खुद ही मल्लिकार्जुन की पेंशन का समर्थन किया था और उसका सत्यापन भी किया था। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मल्लिकार्जुन के घरवालों और कृष्णप्पा से पूछताछ की गई है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

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