Hindi NewsIndia NewsKangana Ranaut setback court rejects plea exemption from appearance orders appear 15 January
कंगना रनौत को कोर्ट से झटका, पेशी से छूट की अर्जी खारिज; हर हाल में पेश होने का आदेश

कंगना रनौत को कोर्ट से झटका, पेशी से छूट की अर्जी खारिज; हर हाल में पेश होने का आदेश

संक्षेप:

5 जनवरी 2026 को सुनवाई के दौरान कंगना रनौत कोर्ट में पेश नहीं हुईं। उनके वकील ने मुंबई में प्री-शेड्यूल्ड कामकाज और आधिकारिक प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए पेशी से छूट की अर्जी दाखिल की।

Jan 08, 2026 10:21 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, बठिंडा
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बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत को पंजाब के बठिंडा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला किसान पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कोर्ट ने उनकी पेशी से छूट की अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि कंगना को 15 जनवरी को हर हाल में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना होगा। अगर वे पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है और उनकी जमानत भी रद्द हो सकती है।

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मामला क्या है?

यह विवाद 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है। बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडिया गांव की बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर (उर्फ बेबे महिंदर कौर) ने जनवरी 2021 में कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि कंगना ने सोशल मीडिया (एक्स) पर महिंदर कौर की फोटो शेयर करते हुए टिप्पणी की थी कि 'ऐसी बुजुर्ग महिलाएं धरने में 100-100 रुपये लेकर आती हैं' या 'ऐसी दादी 100 रुपये में उपलब्ध हैं'। महिंदर कौर ने इसे अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया।

कंगना ने दावा किया था कि यह ट्वीट गलती से रीट्वीट था और उन्होंने किसी को लक्ष्य नहीं किया, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे मानहानिकारक माना। मामला IPC की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत दर्ज है।

कोर्ट की हालिया कार्यवाही

5 जनवरी 2026 को सुनवाई के दौरान कंगना रनौत कोर्ट में पेश नहीं हुईं। उनके वकील ने मुंबई में प्री-शेड्यूल्ड कामकाज और आधिकारिक प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए पेशी से छूट की अर्जी दाखिल की। शिकायतकर्ता महिंदर कौर के वकील रघुबीर सिंह ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह चौथी बार है जब कंगना छूट मांग रही हैं और संसद का सत्र खत्म होने के बाद भी अनुपस्थिति जानबूझकर की जा रही है, जो मुकदमे में देरी का प्रयास है। इसके बाद कोर्ट ने छूट की अर्जी खारिज कर दी और 15 जनवरी को व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि स्थायी छूट की उनकी पुरानी अर्जी पर भी 15 जनवरी को ही बहस होगी।

पिछली कार्यवाहियां

अक्टूबर 2025 में कंगना पहली बार कोर्ट में पेश हुई थीं और जमानत मिली थी। तब उन्होंने मौखिक रूप से माफी मांगी थी, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। नवंबर 2025 में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) हो गए। कंगना ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में केस रद्द करने की याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह राहत नहीं मिली। दिसंबर 2025 में भी वे पेश नहीं हुईं और छूट मिली थी, लेकिन कोर्ट ने चेतावनी दी थी। शिकायतकर्ता के वकील रघुबीर ने कहा- कंगना की अनुपस्थिति से मुकदमा लंबा खिंच रहा है। अब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। वहीं, कंगना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Amit Kumar

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अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।


अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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