गटर से निकलते हैं कॉकरोच, कंगना रनौत ने अब क्या कह दिया? राहुल गांधी पर भी भड़कीं
कंगना रनौत ने कहा कि मैं खुद को कॉकरोच नहीं मानती। अगर कोई कहे कि मैं गटर में रहती हूं तो मैं मना कर दूंगी, लेकिन अगर कोई कॉकरोच होने का दावा करता है, तो जाहिर है कि वे गटर में ही रहेंगे और कहां?

जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान जेन-जी के लिए गटर शब्द का इस्तेमाल करने वाली भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने विवाद के बीच एक बार फिर से सफाई पेश की है। कंगना ने कहा है कि कॉकरोच गटर से निकलते हैं। कंगना ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए आंदोलन के दौरान कुछ युवाओं द्वारा आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर गटर जेनरेशन शब्द का इस्तेमाल किया था, जिससे भारी बवाल हुआ। हालांकि, बाद में वह अपने बयान से पलट गई थीं। इसके अलावा, कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला है।
कंगना रनौत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ''जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं और हम कहते हैं कि कॉकरोच गटर से निकलते हैं, इसमें गलत क्या है? मेरा मतलब बस इतना है। अगर लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं और हम कहते हैं कि गटर उनका घर है, तो उन्हें बुरा क्यों लगना चाहिए? मैं खुद को कॉकरोच नहीं मानती। अगर कोई कहे कि मैं गटर में रहती हूं, तो मैं मना कर दूंगी, लेकिन अगर कोई कॉकरोच होने का दावा करता है, तो जाहिर है कि वे गटर में ही रहेंगे और कहां? लेकिन यह कहना कि मैं सभी युवाओं की बात कर रही थी, सच नहीं है।''
रनौत ने आगे कहा, ''अगर कुछ युवा ड्रग्स लेते हैं या अगर हम ड्रग्स, बेटिंग, गैंबलिंग, या डार्क वेब से जुड़े एडिक्शन के मौजूदा ट्रेंड पर बात करें, तो युवाओं के एक खास हिस्से को एड्रेस करने का मतलब यह नहीं है कि मैं सभी के बारे में एक जैसा बयान दे रही थी।'' उन्होंने कहा कि क्या मैंने कहा कि सभी युवा गटर में रहने वाले हैं? मैंने खास तौर पर कुछ लोगों या कुछ महिलाओं की बात की थी। तो हमें इसे और कैसे एड्रेस करना चाहिए? वह आगे कहती हैं, "क्या आप उम्मीद करते हैं कि अमित शाह जी पार्लियामेंट आंगन में आकर आपको जवाब देंगे। वन-ऑन-वन? तो आप इतने कम IQ वाले लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं?''
राहुल गांधी पर भी भड़कीं कंगना रनौत
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर भी कंगना रनौत ने निशाना साधा है। कंगना रनौत ने कहा, "मुझे लगता है कि वह देश का मजाक उड़ा रहे हैं। वह लगातार देश का मजाक उड़ाते हैं। उनके लिए सब कुछ मजाक है। यह पहली बार है जब मैं संसद का ऐसा मजाक बनते देख रही हूं। वह कहते हैं, 'हम अमित शाह जी से जवाब चाहते हैं। पूछ रहे हैं कि उन्होंने स्टूडेंट्स के साथ ऐसा-वैसा किया या नहीं और साथ ही यह भी कहते हैं, हम यहां उनकी बात सुनने के लिए नहीं हैं। उनमें कोई शर्म या तमीज नहीं बची है। पूरी दुनिया देख रही है और सोच रही है कि यह कैसा इंसान है। जिस तरह से वह अपनी फ्रस्ट्रेशन निकाल रहे हैं और पार्लियामेंट और आगे चलकर पूरे देश और उसके नागरिकों की बेइज्जती कर रहे हैं, उससे मुझे विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी भूमिका को देखने वाले के तौर पर यकीन हो गया है कि यह उनका आखिरी टर्म होगा।"


