Gen-Z पर रार, रक्षाबंधन पर प्यार; बाबा रामदेव को बड़ा भाई बताने के पीछे कंगना का पॉलिटिकल प्रेम?
रक्षाबंधन के मौके पर कंगना रनौत ने बाबा रामदेव को अपना बड़ा भाई बताया है। उन्होंने कहा कि इस त्योहार पर पुरानी बातों को भूल जाना चाहिए। कंगना ने कहा, उन्हें रामदेव की मिठाई और प्रेम दोनों स्वीकार है।

योगगुरु रामदेव और अभिनेत्री से राजनेता बनीं बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बीच बीते कुछ दिनों से तीखी बयानबाजी सुनने को मिल रही थी। रामदेव ने कंगना रनौत के चरित्र तक पर सवाल खड़ा कर दिया था। वहीं कंहना रनौत ने यहां तक कहा कि रामदेव को उनके जवानी के सपने आते हैं। इस तरह की बयानबाजी के बाद अब कंगना रनौत बाबा रामदेव को अपना बड़ा भाई बता रही हैं। रक्षाबंधन ने उन्होंने मोबाइल पर स्टेटस लगाकर कहा कि त्योहार पुराने गिले-शिकवे भूल जाने के लिए होते हैं। उन्होंने कहा, मुझे बड़े भाई रामदेव की मिठाई स्वीकार है।
कंगना ने स्टेटस में क्या लिखा
कंगना रनौत लिखा, त्योहार का दिन होता ही है सब भूल चूक माफ करने के लिसए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छा कहा कि विवाद नहीं संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद, ईश्वर आपको लंबी आयु दे।
भाई-बहन का प्रेम या पॉलिटिकल प्यार?
दरअसल रामदेव ने जब बीते दिनों देश की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए तो सभी हैरान रह गए। रामदेव बीजेपी और मोदी सरकार की आँख मूंदकर तारीफ करते रहते थे। अचानक उनके अंदर आए इस परिवर्तन को लोग पचा नहीं पा रहे थे। तभी एक न्यूज चैनल के इंटरव्यू में उनसे कंगना रनौत के गटरछाप वाले बयान पर सवाल कर लिया गया। इसपर रामदेव ने कहा कि कंगंना की जवानी कैसी रही है। उन्हें अपने बारे में पहले सोचना चाहिए। रामदेव ने कहा, हम ऐसे लोगों के बारे में बात ही नहीं करते।
रामदेव को चमगादड़ भी बोल गईं कंगना
रामदेव ने कहा कि कंगना रनौत की क्वालिफिकेशन क्या है। उनके कारनामे कैसे रहे हैं। इसके बाद कंगना ने पलटवार करते हुए कहा, रामदेव को मेरी जवानी और बेडरूम के बारे में डे ड्रीम नहीं करना चाहिए। इसके बाद कंगना रनौत ने डीडी न्यूज पर दिए इंटरव्यू में कहा कि क्या रामदेव मेरे बेटरूम में चमगादड़ बनकर लटके थे। मुझे समझ नहीं आता कि उसने क्या देखा। जो भी देखा, बताना चाहिए थे। उन्होंने कृति सैनन के रक्षाबंधन ऐड की आलोचना भी की और कहा कि ऐसे भाई-बहन के त्योहार पर ब्रालेट नहीं पहना जा सकता।
राजनीति में सब चलता है?
कहा जता है कि प्यार और जंग में सब जायज है। लेकिन कई लोग यह भी कहते हैं कि राजनीति में भी सब जायज है। आज जो राजनीतिक दुश्मन है, कल वही सबसे बड़ा दोस्त हो सकता है। यही कंगना और बाबा रामदेव के बीच भी देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर अगर इस तरह से एक ही विचारधारा के समर्थक दो लोगों में तूतू-मैंमैं और विवाद होता है तो इससे उस पार्टी को नुकसान हो सकता है जिसका दोनों समर्थन करते रहे हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कंगना रनौत ने काफी सोच विचार या फिर मशविरे या दबाव की वजह से इस विवाद को विराम देने का मन बनाया होगा।
विवाद खत्म करने का ब्रह्मास्त्र
बीते दिनों कंगना ने रामदेव के बारे में और रामदेव के बारे में चाहे कितनी भी भद्दी बातें बोली हैं लेकिन भाई-बहान की बात आने के बाद किसी विवाद की गुंजाइश नहीं रह जाती। वहीं अगर बाबा रामदेव कोई बयान देना भी चाहें तो कंगना रनौत के भाई बनाने के बाद उन्हें उस मर्यादा का भी पालन करना होगा। इसलिए इस विवाद को यहीं रोकने के लिए यह कंगना रनौत का बड़ा दांव कहा जा सकता है।


