कभी पता ही नहीं था क्या होती है सांसद निधि, अब अफसरों पर भड़कीं कंगना रनौत; चुनाव कनेक्शन

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

कंगना रनौत ने सांसद निधि खर्च ना करने को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। अगले साल यानी 2027 में हिमाचल प्रदेश मेंभी चुनाव होने हैं। ऐसे में सांसदों पर काम को लेकर भी प्रेशर है। 

Kangana Ranaut
चुनाव से पहले ऐक्टिव कंगना रनौत, अफसरों की लगाई क्लास

हिमाचल प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले बीजेपी के सांसद भी राज्य में ऐक्टिव नजर आने लगे हैं। मंडी से सांसद अभिनेत्री कंगना रनौत ने शनिवार को दिशा की मीटिंग में पहुंचे अधिकारियों की क्लास लगा दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से उनकी सांसद निधि का आधा भी नहीं खर्च हो पाया है। वहीं एक समय वह भी था जब कंगना रनौत ने कहा था कि उन्हें सांसद निधि के बारे में जानकारी ही नहीं है।

कंगना रनौत अपने संदीय क्षेत्र मंडी में डिस्ट्रिक्ट लेवल कोऑर्डिनेन ऐंड मॉनिटरिंग कमेटी (DISHA) की मीटिंग में पहुंची थीं। उन्होंने अधिकारियों पर भड़कते हुए कहा कि उनकी सांसद निधि में 11 करोड़ रुपये थे जिनमें से मुश्किल से 50 लाख खर्च किए गए हैं। उन्होंने बीडीओ स्तर के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनसे जवाब मांगे। उन्होंने कहा, मैं झूठे जुमले नहीं सुनना चाहती। हर बार मीटिंग में यही सनने को मिलता है। मंडी से सांसद कंगना ने यह भी कहा कि उनके काम को लेकर नेशनल मीडिया में मजाक बनाया जा रहा है। लेकिन अधिकारी मुझसे भी बेहतर ऐक्टिंग करते हैं।

चुनावी माहौल की पूरी तैयारी

अभी कुछ दिन पहले ही कंगना रनौत ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश में अगर बीजेपी की सरकार बनती है तो आरएसएस द्वारा संचालित स्कूल खोले जाएंगे। इससे पहले पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में 1000 विद्या भारती संस्थान खोलने की बात कही थी। कंगना रनौत ने इसी का सर्थन किया और कहा कि हिमाचल में हमारी सरकार आए तो मैं भी यही चाहूंगी कि ऐसी योजनाएं शुरू हों।

चुनाव करीब आने का असर?

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अगले साल चुनाव होने की वजह से सांसदों पर भी काम को लेकर प्रेशर है। ऐसे में कंगना रनौत अब अधिकारियों से हिसाब मांग रही हैं। वह काम ना होने देने का ठीकरा हिमाचल की राज्य सरकार पर भी फोड़ती रही हैं। कंगना रनौत ने एक महीना पहले कहा था कि अधिकारी फाइल रोक लेते हैं और काम नहीं होने देते। उन्होंने कहा था कि सांसद निधि के पैसे को भी विकास कार्यों में नहीं लगने दिया जा रहा है।

उन्होंने आरोप ल गाया ता कि कुल्लू और मंडी जिलों के लए आवंटित सांसद स्थानीय क्षेत्र विका योजना का फंड जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा था, मेरी सांसद निधि डीसी ऑफिस में फंसी है। इस बरसात भगवान हमारी रक्षा करें और फिर कांग्रेस की रक्षा करें क्योंकि इनका सूपड़ा जल्दी ही साफ होने वाला है।

कंगना रनौत ने कहा था कि 10 करोड़ से ज्यादा की सड़कें उन्होंने दी थीं लेकिन जमीन पर 1.5 करोड़ काभी काम नहीं हुआ है। उन्होंने भू अधिग्रहण, परिमिशन और एनओसी के नाम पर काम लटकाने वाले विभागों को भी आड़े हाथों लिया। आपको बता दें कि कंगना रनौत अपने बयानों की वजह से अकसर चर्चा में रहती हैं। बीते दिनों कॉकरो जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने संसद में प्रदर्शनकारियों को गटर छाप कह दिया था। इसके बाद योगगुरु रामदेव के साथ उनकी गहमा-गहमी हो गई। हालांकि रक्षा बंधन के मौके पर रामदेव ने उन्हें मिठाई भेजी और कंगना ने स्वीकार भी कर ली।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsकभी पता ही नहीं था क्या होती है सांसद निधि, अब अफसरों पर भड़कीं कंगना रनौत