सबसे बड़े फेमिनिस्ट हैं पीएम मोदी... संसद में कंगना रनौत ने विपक्ष को लताड़ा

Apr 17, 2026 12:01 am ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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भाजपा सांसद कंगना रनौत ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी को लताड़ लगाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फेमिनिज्म का ध्वजवाहक भी बताया।

सबसे बड़े फेमिनिस्ट हैं पीएम मोदी... संसद में कंगना रनौत ने विपक्ष को लताड़ा

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में संबोधन दिया। उन्होंने इस विधेयक को लेकर सरकार की मंशा पर संदेह जताने के लिए कांग्रेस को जमकर लताड़ लगाते हुए कहा कि यह वही पार्टी है, जिसने इस विधेयक को तीन दशक तक लटकाए रखा था।। कांग्रेस की आलोचना करते हुए भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे बड़ा फेमिनिस्ट बताया।

महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग की स्थापना लोकसभा में गुरुवार तीन विधेयक पेश किए गए। इन विधेयकों पर जारी बहस में भाग लेते हुए कंगना ने सोनिया गांधी को भी लपेटे में लिया। उन्होंने कहा, "सोनिया गांधी कहती हैं कि वे (भाजपा) विधेयक लाने में इतनी जल्दी क्यों कर रहे हैं। क्या हमें भी आपकी तरह इसे 30 साल तक लटकाए रखना चाहिए?" रनौत ने कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भाजपा विधायक ने कहा, “जो काम 60 सालों में नहीं हो पाया, वो उन्होंने (पीएम मोदी ने) 10 सालों में कर दिखाया। चाहे वो पक्के मकान हों, गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना हो या महिलाओं को रक्षा बलों में भर्ती कराना हो। एक बात तो तय है कि वो महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए बेताब हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे बड़ा नारीवादी करार देते हुए कंगना ने कहा कि वह फेमिनिज्म के ध्वजवाहक हैं।

हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत ने दावा किया कि एनडीए सरकार के समय महिलाओं की स्थिति सबसे बेहतर है। हिमाचल की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "हिमाचल प्रदेश में हमारे पास 68 विधायक हैं जिनमें से केवल एक महिला है। अन्य राज्यों में भी लगभग 8-9 प्रतिशत का ही प्रतिनिधित्व है।”

बता दें, केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण अनिवार्य करने को लेकर विधेयक पेश किया गया है। इसके ऊपर बहस की जा रही है। इसके अलावा गुरुवार को सदन में दो और विधेयक पेश हुए। इनमें से एक परीसीमन को लेकर है, तो वहीं दूसरा केंद्र शासित प्रदेशों मं प्रस्तावित महिला संशोधित कोटा को लागू करने के लिए है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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