भाजपा का साथ छोड़ते ही मोदी सरकार पर फायर हो गए अन्नामलाई, किस बात पर कसा तंज
अन्नामलाई ने आरोप लगाया है कि पेपर लीक रोकने के नाम पर सरकार ने परीक्षा केंद्रों को छावनी में बदल दिया है। उन्होंने कहा है कि इससे युवा छात्रों पर मानसिक दबाव और बढ़ रहा है।

इस महीने की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ने वाले के अन्नामलाई अब केंद्र सरकार पर हमलावार हो गए हैं। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के 21 जून को होने वाले री-टेस्ट से पहले उन्होंने सरकार की तैयारियों को लेकर सवाल उठाए हैं। तमिलनाडु में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और केंद्र सरकार की सुरक्षा तैयारियों पर तीखा हमला बोला है।
अन्नामलाई ने आरोप लगाया है कि पेपर लीक रोकने के नाम पर सरकार ने परीक्षा केंद्रों को छावनी में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे युवा छात्रों पर पढ़ाई से ज्यादा मानसिक दबाव बढ़ रहा है। अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “भारतीय वायुसेना के जरिए एयरलिफ्ट, CRPF और CISF का सुरक्षा घेरा, AI सर्विलांस के साथ 4-लेयर सीसीटीवी कैमरे, एंट्री गेट पर बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन, कई दौर की तलाशी और सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से इसकी मॉनिटरिंग...”
कस दिया तंज
अन्नामलाई ने तंज कसते हुए लिखा, “जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा। लेकिन ये सुरक्षा इंतजाम किसी सीक्रेट, मिलिट्री ग्रेड, क्लासिफाइड सॉफ्टवेयर को खरीदने के लिए नहीं किए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय ने ये इंतजाम 21 जून 2026 को होने जा रहे NEET री-टेस्ट के लिए किए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए किए गए कड़े सुरक्षा इंतजामों का हर छात्र स्वागत करेगा लेकिन एग्जाम सेंटर्स पर एंट्री से पहले लंबा जांच प्रोसेस और एग्जाम टाइम को 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करना छात्रों का स्ट्रेस और बढ़ा सकता है। उनका कहना है कि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए तो कदम उठाए हैं लेकिन यह नहीं सोचा कि एग्जाम शुरू होने से पहले ही छात्रों पर कितना दबाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि छात्र इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी महीनों तक करते हैं। ऐसे में ये कदम स्टूडेंट्स को प्रभावित कर सकते हैं।
बता दें कि अन्नामलाई ने इस महीने की शुरुआत में भाजपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था। वे IPS की नौकरी छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे और करीब 6 सालों तक पार्टी में रहे। अब उन्होंने कहा है कि वे नए एजेंडे के साथ चुनाव लड़ेंगे।
क्यों दोबारा हो रही है परीक्षा?
इससे पहले 3 मई 2026 को आयोजित हुई मूल नीट-यूजी परीक्षा में देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक, धांधली और डिजिटल नेटवर्क के जरिए कोचिंग माफियाओं तक पेपर पहुंचने के गंभीर आरोप लगे थे। इसके बाद मचे बवाल और सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी थी। फिलहाल इस पूरे घोटाले की जांच CBI कर रही है, जिसने महाराष्ट्र और राजस्थान से कई पेपर सेटर्स और बिचौलियों को गिरफ्तार किया है। इस लीक के बाद सरकार ने घोषणा की है कि अगले साल से नीट परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में कराने की बात कही है।


