लंबी लड़ाई लड़नी होगी; राज्य के दर्जे पर J&K CM उमर अब्दुल्ला ने फिर भरी हुंकार, POK पर भी बात
Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर से पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर हुंकार भरी है। उन्होंने कहा कि एक प्रदर्शन से कुछ नहीं होगा। इस मामले को लेकर हमें लंबी लड़ाई लड़नी होगी। उमर ने कहा कि उनकी पार्टी को पता था कि एक प्रदर्शन से कुछ नहीं होगा।

Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर से राज्य के दर्जे को लेकर हुंकार भरी है। उन्होंने कहा कि 20 तारीख को नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दिल्ली जाकर धरना दिया था। लेकिन यह काम एक धरने से नहीं होगा, बल्कि लंबी लड़ाई लड़नी होगी। इसके अलावा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रही हिंसा पर बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि सभी उन घटनाक्रमों को लेकर चिंतित हैं।
राज्य के गांदरबल में मीडिया से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी लगातार जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा, "एक धरना प्रदर्शन से किसी मुद्दे का हल नहीं निकलता। अगर ऐसा होता, तो फिर जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के पहले दिन ही उनकी सारी मांगें मान ली जाती। लेकिन ऐसा एक दिन में नहीं होता है। हमें लंबी लड़ाई लड़नी होगी।"
हमें पता था कि पहले प्रदर्शन से कुछ नहीं होगा-उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें और उनकी पार्टी को यह मालूम था कि पहले प्रदर्शन के बाद कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा, "हमें यह पहले से ही मालूम था कि इससे कुछ नहीं होगा। लेकिन कम से कम हम अपना पक्ष तो रख रहे थे। कम से कम आप लोग (मीडिया कर्मी) तो हमसे राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) मिलने के बारे में पूछते रहते हैं, लेकिन देश का बाकी मीडिया यह भूल जाता है कि जम्मू-कश्मीर से एक वादा किया गया था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है।"
महबूबा मुफ्ती की पार्टी ने 5 अगस्त को प्रदर्शन करने का ऐलान किया
नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिल्ली में राज्य के दर्जे को लेकर किए गए प्रदर्शन के बाद अब विपक्षी पार्टी पीडीपी भी मोर्चा खोल रही है। उन्होंने धारा 370 हटाए जाने की बरसी यानी 5 अगस्त पर आंदोलन करने का ऐलान किया है। इस मामले के बारे में जब उमर अब्दुल्ला से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे के लिए 5 अगस्त का इंतजार नहीं करना चाहते थे।
उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह मुद्दा 5 अगस्त तक इंतजार करने के लिए नहीं था। यह उन लोगों की मजबूरी बन गया है। हमने इंतज़ार नहीं किया, हम पहले ही दिल्ली चले गए थे। हमने विधानसभा में अपना प्रस्ताव पास करवाया। विधानसभा ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे और संवैधानिक गारंटी के बारे में एक प्रस्ताव पास किया है और उसे केंद्र सरकार को भेजा है।"
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर भी बात
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी हिंसा को लेकर भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी बात रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम सभी इससे चिंतित है। उन्होंने कहा, "जहां तक कश्मीर के उस हिस्से की बात है। हम सभी चिंतित हैं। वहां से जो रिपोर्ट आ रही हैं, वह भयावह हैं। मासूम लोगों के ऊपर जिस तरह से बल प्रयोग हो रहा है। वह दुखद है। हम अभी शांति की उम्मीद ही कर सकते हैं।" बता दें, उमर के पहले उनके पिता फारुख अब्दुल्ला ने भी पीओके में होने वाली हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले में पाकिस्तान पर दवाब बनाए क्योंकि कश्मीर का वह हिस्सा भी हमारा ही है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लगातार आंदोलन हो रहा है। इन आंदोलनकारियों पर पाकिस्तानी सेना सीधे गोलीबारी कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम में अभी तक कई दर्जन लोगों के मारे जाने की आशंका है।


