जिनपिंग अपने घर से करें शांति की शुरुआत, तिब्बत का तंज- चीन को और कितनी जमीन चाहिए?

एएनआई, नई दिल्ली।
Follow us on Google News
share

तिब्बत ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के असर का अभी से कोई नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी और इस सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर भी सबकी नजर रहेगी।

जिनपिंग अपने घर से करें शांति की शुरुआत, तिब्बत का तंज- चीन को और कितनी जमीन चाहिए?
शी जिनपिंग को तिब्बत ने नसीहत दी और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील भी की है।

ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS) में शामिल होने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंचने वाले हैं। उनकी इस यात्रा से पहले भारत और चीन के पड़ोसी देश तिब्बत ने उन्हें नसीहत दी है। शी जिनपिंग से बातचीत के जरिए तिब्बत के मुद्दे को सुलझाने का आग्रह भी किया है। उन्होंने कहा कि अगर चीन दुनिया को बेहतर जगह बनाने को लेकर गंभीर है तो शांति की शुरुआत सबसे पहले अपने घर से करनी चाहिए।

आपको बता दें कि शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन (CTA) के सिक्योंग पेन्पा त्सेरिंग ने भारत और चीन के बीच बेहतर संबंधों का स्वागत करते हुए तिब्बत के अनसुलझे मुद्दे पर ज्यादा ध्यान देने की अपील की है। तिब्बती नेता ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में चीन की बढ़ती भागीदारी पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तिब्बत ने हमेशा भारत और चीन सहित दुनिया के कई देशों के बीच बेहतर संबंधों का समर्थन किया है।

चीन पर नहीं कर सकते हैं भरोसा

त्सेरिंग ने कहा कि चीनी सरकार से बात करने में सबसे बड़ी दिक्कत भरोसे को लेकर है। उनपर विश्वास करना एक बड़ी चुनौती है। उनसे पूछा गया कि क्या वह तिब्बतियों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के बारे में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को कोई संदेश देना चाहते हैं तो उन्होंने मध्यम मार्ग नीति अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए ही समाधान निकलती है।

उन्होंने चीन को नसीहत देते हुए इतना जरूर कहा कि दुनिया में शांति की बात करने से पहले चीन को अपने अंदर झांकना चाहिए। त्सेरिंग ने कहा, "अगर चीन सचमुच इस दुनिया को रहने के लिए बेहतर जगह बनाने को लेकर गंभीर है तो सबसे पहले उसे चीन को ही रहने के लिए बेहतर जगह बनाना चाहिए। व्यापक दुनिया में शांति की शुरुआत अपने ही देश और समाज से होनी चाहिए।''

और कितनी जमीन चाहिए?

उन्होंने पूछा, "आपको और कितनी जमीन चाहिए? अगर शांति चाहिए तो आपको अपने घर से शुरुआत करनी चाहिए। जब ​​आपके अपने घर में ही शांति नहीं है तो आप बाहरी दुनिया में शांति की बात कैसे कर सकते हैं?" उन्होंने कहा, "जब आप बातचीत, संवाद, कूटनीतिक संबंधों और युद्ध न करने की बात करते हैं तो तिब्बतियों के साथ भी ऐसा ही करें। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तिब्बतियों से बातचीत करें।"

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के असर का अभी से कोई नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी। साथ ही यह भी कहा कि इस सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर भी सबकी नजर रहेगी।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsजिनपिंग अपने घर से करें शांति की शुरुआत, तिब्बत का तंज- कितनी जमीन चाहिए आपको?