अब ममता के भतीजे ने भरी ‘झुकूंगा नहीं’ वाली हुंकार; शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
share

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम की ओर से भेजे गये दो नोटिसों पर मंगलवार को कहा कि प्रशासन भले ही उनके घर गिरा दे, लेकिन वह झुकेंगे नहीं।

अब ममता के भतीजे ने भरी ‘झुकूंगा नहीं’ वाली हुंकार; शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम की ओर से भेजे गये दो नोटिसों पर मंगलवार को कहा कि प्रशासन भले ही उनके घर गिरा दे, लेकिन वह झुकेंगे नहीं। कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस के विधायकों की एक बैठक के बाद बनर्जी ने कहाकि उन्हें घर गिराने दीजिए। मैं झुकूंगा नहीं। साथ ही श्री बनर्जी ने यह भी कहा कि उन्होंने शुभेंदु अधिकारी जैसा बदले की भावना से काम करने वाला मुख्यमंत्री नहीं देखा है।

सीएम शुभेंदु ने क्या कहा था
भवानीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने नगर मामलों के सचिव और कोलकाता नगर निगम को संपत्ति के मालिकाना हक में कथित अनियमितताओं को लेकर चार लोगों के नामों की जांच करने को कहा है। उन्होंने कहा था कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अवैध रूप से संपत्ति जुटाने में शामिल सभी लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहाकि मैं आपको नाम बताता हूं। भतीजे अभिषेक बनर्जी के पास कुल 24 संपत्तियां हैं। उनकी कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के पास 14 संपत्तियां हैं। चार संपत्तियां खुद उनके नाम पर हैं, जबकि छह संपत्तियां उनके पिता की हैं। इसी तरह जावेद खान के बेटे के नाम पर भी 90 संपत्तियां दर्ज हैं।

जारी हुई दो नोटिस
इसके तुरंत बाद, कोलकाता नगर निगम ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी संपत्तियों पर कथित अवैध निर्माण को लेकर दो नोटिस जारी कर दी। नगर निगम के भवन विभाग द्वारा कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत भेजे गए ये नोटिस, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 73 में स्थित 121, कालीघाट रोड और 188ए, हरीश मुखर्जी रोड की संपत्तियों से संबंधित हैं। एक नोटिस श्री बनर्जी की मां लता बनर्जी के नाम पर जारी किया गया है, जबकि दूसरा नोटिस ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी को भेजा गया है।

सात दिन के भीतर गिराने का निर्देश
नोटिस के अनुसार, इन दोनों पतों पर किए गए निर्माण के कुछ हिस्से कथित तौर पर स्वीकृत भवन योजनाओं से अलग हटकर बनाए गए हैं। कोलकाता नगर निगम कानून की धारा 400(1) के तहत, नगर आयुक्त को अनाधिकृत निर्माण के मामलों में उसे गिराने या काम रोकने का आदेश देने का अधिकार है। हालांकि, कानून के तहत किसी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले, संपत्ति के मालिक को नोटिस देना और जवाब देने का अवसर देना जरूरी होता है। नोटिस में संबंधित लोगों को सात दिनों के भीतर कथित तौर पर अवैध हिस्सों को खुद गिराने का निर्देश दिया गया है।

मांगा गया है स्पष्टीकरण
इसके अलावा, उनसे इसी समय सीमा के भीतर यह स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि नगर निगम खुद इस निर्माण को क्यों न गिराए। नगर निगम ने इन संपत्तियों से जुड़े भवन निर्माण की योजनाओं, स्वीकृत नक्शों और अन्य संबंधित दस्तावेजों को भी जमा करने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि यदि मिले जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो निगम सात दिनों से कम का एक अतिरिक्त नोटिस देकर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर सकता है। इस तरह की तोड़फोड़ के दौरान आने वाला पूरा खर्च संपत्ति के मालिकों को ही उठाना होगा।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

और पढ़ें