'आंख में धूल झोंकने की हरकत', मसूद अजहर पर 70 लाख के इनाम की भारत ने खोली पोल
रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हम लोगों ने कई बार यह देखा है कि पाकिस्तान आंख में धूल झोंकने की इस तरह की हरकत करता रहा है। स्टेट स्पॉन्सर्ड टेरर के नाम पर यह घोषणा करने की जरूरत नहीं है। उनको एक्शन लेना चाहिए।’

भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम घोषित किए जाने को पाकिस्तान का पुराना पैंतरा बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस तरह के हथकंडे और लोगों को गुमराह करने की कोशिश नई नहीं है। पहले भी ऐसे कई ऐलान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश की ओर से किए गए ऐसे खोखले ऐलान की असलियत सभी जानते हैं। पाकिस्तान को केवल घोषणा करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि ऐसे ऐलान का आखिर में कोई खास असर नहीं होता।
रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम लोगों ने कई बार यह देखा है कि पाकिस्तान आंख में धूल झोंकने की इस तरह की हरकत करता रहा है। स्टेट स्पॉन्सर्ड टेरर के नाम पर यह घोषणा करने की जरूरत नहीं है। उनको एक्शन लेना चाहिए क्योंकि उनको खुद पता है कि ये लोग कहां हैं और उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।' पाकिस्तान का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है जब वित्तीय कार्रवाई कार्यबल यानी FATF की अगली बैठक 26 से 30 अक्टूबर तक पेरिस में होनी है। पाकिस्तान 2018 में एफएटीएफ की बढ़ी निगरानी वाली ग्रे लिस्ट में गया था और 2022 में शर्तें पूरी करने के बाद इससे बाहर आया था।
मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम
पाकिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक, मसूद अजहर को पकड़वाने या उसकी गिरफ्तारी और सजा तक पहुंचाने वाली जानकारी देने वाले को 70 लाख रुपये तक का इनाम रखा गया है। अजहर का नाम पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी यानी FIA की मोस्ट वांटेड आतंकियों की रेड बुक में भी शामिल है। 2026 की लिस्ट में उसका नाम 1480वें नंबर पर है। इस सूची में कुल 1804 नाम हैं। अजहर जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है और उसकी सूची में दर्ज होने की तारीख 31 दिसंबर 2021 है। यह कार्रवाई पंजाब के गृह विभाग की अपील पर की गई थी।
आतंकी मसूद अजहर कई मामलों में वांटेड
भारत में मसूद अजहर कई आतंकी मामलों में वांछित है। इनमें 2001 में संसद पर हुआ हमला भी शामिल है। भारत ने मुंबई में 2008 के आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान से 20 वांटेड आतंकियों को सौंपने की मांग फिर उठाई थी, जिनमें अजहर भी था। मुंबई हमले में लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने 166 लोगों की हत्या की थी। भारतीय एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद को 2016 के पठानकोट वायुसेना स्टेशन हमले और 2019 के पुलवामा हमले से भी जोड़ा है। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर अजहर को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है।
मसूद अजहर कहां है, पाकिस्तान क्या बोला?
पाकिस्तान का कहना है कि मसूद अजहर अफगानिस्तान भाग गया था। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इस दावे को खारिज कर चुकी है। FIA के रिकॉर्ड में अजहर को स्वस्थ और मजबूत शरीर वाला, सामान्य कद का व्यक्ति बताया गया है। उस पर पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़े तीन मामले भी दर्ज बताए गए हैं। इनमें 3 दिसंबर 2020 का गुजरांवाला, 9 मार्च 2020 का मुल्तान और 29 मार्च 2021 का लाहौर मामला शामिल है। इन सभी मामलों में आतंकवाद रोधी कानून की अलग-अलग धाराएं लगाई गई हैं।


