जंतर-मंतर पर काट दी गई बिजली, फिर भी कम नहीं हुआ जोश; आधी रात के बाद जुटी भारी भीड़

हिन्दुस्तान टीम
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दिनभर हंगामे के बाद शाम को जंतर-मंतर पर शांति पसरी थी। वहां करीब 200 लोग ही दिखाई दे रहे थे। रात में वहां बिजली भी काट दी गई। इसके बावजूद 11 बजे के बाद लोग फिर इकट्ठा होने लगे और भीड़ बढ़ गई।

Jantar mantar
जंतर मंतर पर भारी भीड़

कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के चलते दिनभर चले हंगामे के बाद सोमवार रात एक बार फिर जंतर मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया। यहां बिजली काट दी गई थी, लेकिन बावजूद इसके अंधेरे में प्रदर्शनकारी डटे रहे। देर रात प्रदर्शनकारियों ने मांगें माने जाने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। रात लगभग 11 बजे 200 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी जमा थे जबकि धीरे-धीरे लोगों के आने का सिलसिला चलता रहा। शाम को पुलिस ने जंतर मंतर पूरी तरह से खाली करा लिया था। ऐसे में प्रदर्शनकारी केरल भवन के पास चले गए थे। लेकिन रात होते ही वह दोबारा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे जहां तोड़फोड़ कर उनके मंच एवं नीचे बनी जगह को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। रात के समय सैकड़ों प्रदर्शनकारी एक बार फिर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिखाई दिए। इस जगह रात के समय बिजली की व्यवस्था नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों में जोश की कमी नहीं दिख रही थी।

सोमवार को सुबह क्या हुआ

तय समय सुबह नौ बजे से पहले ही हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की तरफ लगी पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए संसद मार्ग तक पहुंच गए थे। कुछ प्रदर्शनकारियों का समूह संसद भवन के करीब पहुंच गया। ऐसे में आनन-फानन में उन्हें हिरासत में लेकर वहां से हटाया गया। वहीं, कई प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर, जनपथ, केरला भवन और पटेल चौक की ओर से संसद भवन की ओर बढ़ते रहे। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए संसद मार्ग थाने के पास पहुंच गए। बैरिकेडिंग कर उनको रोककर रखा गया, लेकिन लोगों की इतनी संख्या थी कि उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था।

बरसाए गए आंसू गैस के गोले

सीजेपी के प्रवक्ता प्रदर्शनकारियों को शांति बनाए रखने की अपील करते दिखे, लेकिन भीड़ ने उसे अनसुना कर दिया। इसी बीच प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने सुरक्षाबलों की तरफ पत्थर फेंक दिए। पत्थर लगने से कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। यही स्थिति प्रदर्शनकारियों की भी थी। लोग खून से लथपथ सड़क पर भाग रहे थे। भगदड़ में प्रदर्शनकारियों के जूते-चप्पल उतरे जो सड़क पर बिखरे नजर आए। इसके बाद थोड़ी देर के लिए प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।

दोपहर करीब 2 बजे जंतर मंतर पर सीजेपी के मंच से आशंका जताई गई कि दीपके को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पर भीड़ ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लोग बारिश के बीच प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। सीजेपी की टीम बार-बार आह्वान करती रही कि कोई जगह छोड़ कर नहीं जाएगा। जब तक मांग पूरी नहीं होती, यहां धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

इसी बीच दोपहर करीब 3 बजे संसद मार्ग वाईएमसीए की तरफ शोर उठने लगा। वहां एक कार बुरी तह क्षतिग्रस्त पड़ी थी। प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने वाईएमसीए के पास खड़ी पुलिस की बसों पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस व सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आंसू गैस छोड़नी शुरू कर दी। ऐसा होते ही भगदड़ मचने लगी। प्रदर्शनकारी भारत माता की जय और जय भीम के नारे लगाते दिखे।

प्रदर्शनकारियों ने एनडीएमसी के चौक पर खड़ी पुलिस की गाड़ी के एक टायर की हवा निकाल दी। इस गाड़ी पर कनॉट प्लेस एसएचओ लिखा स्टिकर लगा हुआ था। मामला बढ़ता देख सुरक्षा बल संसद मार्ग को खाली कराने में जुट गए और लगातार आंसू गैस के गोले दागते रहे। ऐसा करते हुए संसद मार्ग पर जमा प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बल कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल तक ले गए। देखते ही देखते भीड़ ने आउटर सर्किल पर तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। इनमें पुलिस की गाड़ियां भी थीं। इनको काबू करने के लिए सुरक्षाबल ने आंसू गैस छोड़ने के साथ लाठी फटकार कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। जनपथ रोड पर जमा भीड़ को भी पुलिस व सुरक्षा बल आंसू गैस के गोले दागते हुए आउटर सर्किल पर ले आई। इधर पहले से ही लोग प्रदर्शन कर रास्ता रोककर बैठे थे। करीब सवा घंटे तक यही सिलसिला चलता रहा।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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