
आतंकी नेटवर्क के खात्मे के लिए बड़ा ऑपरेशन; कश्मीर में 100 लोग हिरासत में, पूछताछ जारी
संक्षेप: स्थानीय पुलिस के सहयोग से चलाया गया यह अभियान उन व्यक्तियों पर केंद्रित था, जिन पर हिंसा भड़काने, राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार करने और सांप्रदायिक घृणा को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया मंच का दुरुपयोग करने का आरोप है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत घाटी से 100 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। पिछले दो दिनों में कश्मीर घाटी और जम्मू प्रांत दोनों में दर्जनों घरों पर छापेमारी की गई। ये छापे उन लोगों पर केंद्रित थे जिन पर आतंकवादी समर्थक होने, पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से सक्रिय आतंकवादियों के रिश्तेदार होने और आतंकी समूहों के पूर्व ओवरग्राउंड वर्कर होने का आरोप है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आतंकवाद का ऑनलाइन महिमामंडन किए जाने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाए जाने के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) की टीम ने श्रीनगर, कुलगाम, बारामूला, शोपियां और पुलवामा में 10 विशिष्ट स्थानों पर छापेमारी की। उन्होंने बताया, 'ऑनलाइन आतंकवादी नेटवर्क पर व्यापक कार्रवाई करते हुए सीआईके ने कश्मीर घाटी में छापेमारी की। स्थानीय पुलिस के सहयोग से चलाया गया यह अभियान उन व्यक्तियों पर केंद्रित था, जिन पर हिंसा भड़काने, राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार करने और सांप्रदायिक घृणा को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया मंच का दुरुपयोग करने का आरोप है।'
डिजिटल उपकरणों सहित कई सबूत जब्त
प्रवक्ता के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच के लिए सिम कार्ड, मोबाइल फोन, टैबलेट और कई तरह के डिजिटल उपकरणों सहित कई सबूत जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री से अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे आगे की जांच और अतिरिक्त कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। उन्होंने कहा, 'इस कार्रवाई का मकसद डिजिटल खतरों को उनके स्रोत के स्तर पर ही समाप्त करना है। साथ ही, यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था और क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'
2 स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स सेवा से बर्खास्त
इस बीच, जम्मू प्रांत के कठुआ जिले में 2 स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स (SPO) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। दोनों पर आतंकवादियों की मदद करने का आरोप था और पिछले साल उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जम्मू के रामबन, डोडा और राजौरी जिलों में भी छापेमारी की गई। वहीं, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पुलिस ने पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों के घरों पर छापेमारी की, जिनमें हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर गुलाम नबी खान उर्फ आमिर खान भी शामिल हैं। पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया, 'खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों की मदद से विभिन्न स्थानों पर घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। इन्हें ओजीडब्ल्यू और जेकेएनओपी की ओर से आतंकी तत्वों को आश्रय देने और सहायता करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहा था।'





