'RSS ने भी समर्थन किया' पिता फारुख के बाद उमर अब्दुल्ला ने भी की PAK से रिश्ते सुधारने की वकालत
CM Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि संघ ने भी पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने पर बात की है, लेकिन जम्मू-कश्मीर का कोई नेता यह बात कहता है, तो यह बड़ा मुद्दा बन जाता है।

Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने की वकालत की है। गुरुवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच में रिश्ते बेहतर करने के लिए बातचीत होती है, तो इससे किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। बता दें, उमर अब्दुल्ला के पिता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला उन वरिष्ठ नागरिकों में शामिल हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को खुला खत लिखकर दोनों देशों के बीच में रिश्ते सुधारने की वकालत की थी। इसके बाद उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
'पुराना है भारत और पाकिस्तान का टकराव'- उमर अब्दुल्ला
गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, "यह टकराव 30 से 40 साल पुराना है। पिछले साल कश्मीर में हुए पहलगाम हमने के बाद यह और भी ज्यादा बढ़ गया है। अब प्रधानमंत्री के पास एक पत्र के जरिए गुजारिश की जा रही है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर होने चाहिए। मुझे नहीं लगता इस पर किसी को आपत्ति होनी चाहिए।"
भारत और पाकिस्तान के 100 से ज्यादा लोगों ने किए पत्र पर हस्ताक्षर
पीएम मोदी और पाकिस्तानी पीएम को भेजे गए इस खत में दोनों देशों के कुछ वरिष्ठ नागरिकों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें फारुख अब्दुल्ला भी शामिल हैं। जब उमर अब्दुल्ला से इस पत्र पर हस्ताक्षर करने की वजह से पिता की आलोचना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर करने की वकालत करता है। उन्होंने कहा, "हाल ही में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान को एक-दूसरे से बात करनी चाहिए। जब संघ ऐसा कहता है, तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होती है, लेकिन जब जम्मू-कश्मीर का नेता वही बात करता है, तो यह बड़ा मुद्दा बन जाता है।"
'हम वही कह रहे जो वाजपेयी ने कहा' - उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर सीएम ने जोर देकर कहा कि भारत के तमाम प्रधानमंत्री लगातार पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्तों की बात करते रहे हैं। इस क्रम में अब्दुल्ला ने अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "हम बस वही कह रहे हैं, जो (पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी) वाजपेयी ने कहा था कि दोस्त बदले जा सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं बदले जा सकते। हम चाहते हैं कि पड़ोसियों के बीच रिश्ते बेहतर हों।"
बता दें, 'सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस' नामक संगठन के चैयरमेर ओपी शाह की पहल पर दोनों देशों के करीब 100 से ज्यादा नागरिकों ने दोनों प्रधानमंत्रियों को पत्र लिखा था। इसमें दोनों देशों से आपस में बातचीत दोबारा शुरू करने का आग्रह किया गया था। हस्ताक्षर करने वालों में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती शामिल थीं। इसके अलावा पूर्व रॉ चीफ ए. एस दुलत, राज्यसभा सांसद मनोज झा, पूर्व राजदूत अशरफ जहांगीर काजी, मणिशंकर अय्यर समेत कई अन्य नागरिक भी शामिल थे।
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Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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