जयशंकर जाएंगे UAE, हरदीप पुरी पहुंचे कतर; LPG संकट दूर करने को निकले मोदी के 2 'धुरंधर'

Apr 10, 2026 05:33 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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संघर्ष विराम के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसा प्रमुख समुद्री मार्ग के फिर से खुलने की संभावना है। भारत चाहता है कि कतर से उसकी एलएनजी और एलपीजी (LPG) की खेप बिना किसी बाधा के भारत पहुंचे।

जयशंकर जाएंगे UAE, हरदीप पुरी पहुंचे कतर; LPG संकट दूर करने को निकले मोदी के 2 'धुरंधर'

मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के संघर्ष विराम (Ceasefire) पर सहमत हुए है। भारत इस मौके को कूटनीतिक और ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करने के लिए भुनाना चाहता है। इस अवसर का लाभ उठाते हुए भारत ने खाड़ी देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को फिर से सक्रिय कर दिया है। भारत सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों के महत्वपूर्ण दौरे हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े हैं।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी 9-10 अप्रैल 2026 को कतर के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र का दौरा करने वाले पुरी पहले भारतीय मंत्री हैं। संघर्ष के दौरान ईरान ने कतर की सरकारी कंपनी कतर एनर्जी के ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे गैस उत्पादन प्रभावित हुआ था। कतर भारत को 40% से अधिक एलएनजी (LNG) की आपूर्ति करता है।

संघर्ष विराम के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसा प्रमुख समुद्री मार्ग के फिर से खुलने की संभावना है। भारत चाहता है कि कतर से उसकी एलएनजी और एलपीजी (LPG) की खेप बिना किसी बाधा के भारत पहुंचे। भारत ने हाल ही में कतर के साथ 2048 तक के बड़े एलएनजी सौदे किए हैं। इन समझौतों की स्थिरता सुनिश्चित करना इस दौरे का मुख्य एजेंडा है।

जयशंकर का यूएई दौरा

वहीं, मोदी सरकार के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 11-12 अप्रैल 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा पर रहेंगे। यूएई भारत का चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है। जयशंकर वहां के नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक चर्चा करेंगे। ईरान और खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। संघर्ष के दौरान उनकी सुरक्षा भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। संघर्ष विराम के बाद व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएई जैसे स्थिर साझेदार की भूमिका अहम है।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट था, लेकिन घरेलू बाजार में ईंधन की कमी नहीं होने दी गई है। भारतीय ध्वज वाला जहाज ग्रीन आशा 5 अप्रैल को होर्मुज पार कर 9 अप्रैल को सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया है।

Himanshu Jha

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Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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