जयशंकर ने जैसे ही पाकिस्तान को बताया आतंकवाद का केंद्र, तालियों से गूंज उठा UNGA का हॉल- VIDEO
जयशंकर ने कहा, “भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की रक्षा करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया और आतंकवाद के आकाओं और अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया।”
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र को संबोधित किया। अंग्रेजी में दिए अपने भाषण के दौरान उन्होंने भारत को इंडिया की जगह 'भारत' कहकर संबोधित किया। साथ ही इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए जमकर लताड़ा। जयशंकर जब पाकिस्तान को फटकार लगा रहे थे तब पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था।

UNGA में उस समय दुर्लभ क्षण देखने को मिला जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को 'वैश्विक आतंकवाद का केंद्र' बताया। उनके इस सीधे और कड़े बयान पर पूरे महासभा हॉल में जोरदार तालियां बजीं। यह प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र के मंच पर आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दर्शाती है, जिसे अन्य सदस्य देशों का भी समर्थन मिला।
जयशंकर ने शनिवार को पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत आजादी के बाद से ही आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहा है जबकि उसका पड़ोसी देश ‘वैश्विक आतंकवाद का केंद्र’ रहा है। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की आम बहस को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सीमा पार बर्बरता का सबसे ताजा उदाहरण पहलगाम हमला है।
जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से दुनिया भर के नेताओं को संबोधित करते हुए “भारत की जनता की ओर से नमस्कार” के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि दशकों से बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी हमलों का कारण इसी एक देश को माना जाता रहा है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में उपस्थित लोगों की तालियों के बीच कहा, “भारत आजादी के बाद से ही आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहा है क्योंकि उसका पड़ोसी देश वैश्विक आतंकवाद का केंद्र रहा है।” विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “पड़ोसी मुल्क की सीमा पार से हुई बर्बरता का सबसे ताजा उदाहरण इस साल अप्रैल में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की हत्या है।”
जयशंकर ने कहा, “भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की रक्षा करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया और आतंकवाद के आकाओं और अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया।” भारत ने आगाह किया कि जो लोग आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों का समर्थन करते हैं, उन्हें पता चलेगा कि यह उन्हें ही काटेगा।



