Hindi NewsIndia NewsJaish Posters in Kashmir provide First lead to terror plot Delhi was Target several arrested
कश्मीर में लगे पोस्टरों से मिला आतंकी साजिश का पहला सुराग, निशाने पर थी दिल्ली; कई अरेस्ट

कश्मीर में लगे पोस्टरों से मिला आतंकी साजिश का पहला सुराग, निशाने पर थी दिल्ली; कई अरेस्ट

संक्षेप:

इन लोगों ने खुद को मेडिकल प्रोफेशनल्स के रूप में प्रस्तुत कर संदेह से बचने की योजना बनाई थी। बरामद सामग्री और हथियारों की मात्रा देखकर यह साफ है कि यह तैयारी लंबे समय से चल रही थी। जानिए कैसे हुआ खुलासा।

Nov 11, 2025 06:32 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, श्रीनगर
share Share
Follow Us on

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक बहु-राज्य आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें अब तक नौ लोगों की गिरफ्तारी और 2900 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक, बम बनाने की सामग्री और दो एके-सीरीज हथियार जब्त किए गए हैं। जांच का पहला सुराग पुलिस को एक मामूली सी घटना से मिला। ये सुराग मध्य अक्टूबर में श्रीनगर के नौगाम इलाके में लगे जैश के धमकी भरे पोस्टरों से मिला था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

पोस्टरों से खुली जांच की दिशा

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इन पोस्टरों में सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी। ऐसा दृश्य 2019 के बाद बहुत कम देखा गया था। इससे श्रीनगर के एसएसपी जी. वी. सुनीप चक्रवर्ती का ध्यान गया, जो इससे पहले ऑपरेशन महादेव में पहलगाम के तीन आतंकियों के सफाए में शामिल रहे थे। उन्होंने आदेश दिया कि यह पता लगाया जाए कि पोस्टर लगाने वाले कौन थे।

सीसीटीवी फुटेज से तीन ओवरग्राउंड वर्करों (OGWs) की पहचान हुई, जो पहले पत्थरबाजी के मामलों में भी शामिल रह चुके थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पुलिस के हाथ शोपियां के मौलवी इरफान अहमद तक पहुंचे- और यहीं से एक विस्तृत आतंकी साजिश का पर्दाफाश होना शुरू हुआ।

डॉक्टरों का नेटवर्क: हरियाणा और यूपी तक फैली साजिश

मौलवी इरफान की पूछताछ से पता चला कि जैश ने कश्मीरी डॉक्टरों को निशाना बनाकर उन्हें कट्टरपंथी बनाया था। पुलिस ने आगे चलकर कई गिरफ्तारियां कीं, जिनमें शामिल हैं:

  • डॉ. मुजम्मिल गणाई- पुलवामा निवासी, फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत।
  • डॉ. अदील अहमद राथर- काजीगुंड का रहने वाला, सहारनपुर (यूपी) से गिरफ्तार।
  • डॉ. शाहीन सईद- लखनऊ की निवासी, मुजम्मिल की कथित प्रेमिका।
  • एक और डॉक्टर, डॉ. उमर (पुलवामा निवासी), अभी फरार बताया जा रहा है।

मोबाइल और टेलीग्राम से जुड़े पाकिस्तान तक के लिंक

मौलवी इरफान के घर से जब्त मोबाइल फोन की जांच में टेलीग्राम चैनल के जरिए पाकिस्तान स्थित जैश आतंकी उमर बिन खत्ताब से संपर्क के सबूत मिले। इरफान का एक और सहयोगी, गांदरबल का जमीर अहमद आहंगर उर्फ मुतलशा, ‘फर्जदान-ए-दारुल उलूम देवबंद’ नामक एक अन्य पैन-इंडिया आतंकी चैट ग्रुप का सदस्य पाया गया। इरफान ने स्वीकार किया कि उसने एक डॉक्टर के घर में AK-47 राइफल देखी थी। मुतलशा ने पुष्टि की कि वह डॉक्टर मुजम्मिल गणाई था।

ये भी पढ़ें:दिल्ली में धमाके से पहले क्यों सुनहरी मस्जिद के पास गई थी वह कार
ये भी पढ़ें:3 घंटे तक सुनहरी मस्जिद के पास खड़ी थी दिल्ली धमाके वाली कार, CCTV में क्या दिखा
ये भी पढ़ें:पार्किंग से निकलते ही जोरदार धमाका, दिल्ली धमाके में बाल-बाल बचा आगरा का परिवार

फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक और हथियार

इसके बाद पुलिस की जांच हरियाणा के फरीदाबाद पहुंची, जहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में काम करने वाले इन डॉक्टरों के ठिकानों से 2900 किलो विस्फोटक और बम बनाने की सामग्री बरामद हुई। वहीं, मेवात के मौलवी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने डॉक्टरों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया था।

संभावित लक्ष्य: दिल्ली और उत्तरी भारत के शहर

जांच अधिकारियों का मानना है कि इन विस्फोटकों को पिछले दो वर्षों में एकत्र किया गया और इन्हें दिल्ली व आसपास के इलाकों में आतंकी हमलों में इस्तेमाल करने की साजिश थी। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन लोगों ने खुद को मेडिकल प्रोफेशनल्स के रूप में प्रस्तुत कर संदेह से बचने की योजना बनाई थी। बरामद सामग्री और हथियारों की मात्रा देखकर यह साफ है कि यह तैयारी लंबे समय से चल रही थी।

दिल्ली ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत

इन गिरफ्तारियों के कुछ ही समय बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हो गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से गुजर रही एक कार में सोमवार शाम जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाके में व्यस्त समय में हुए विस्फोट के कारण आसपास मौजूद कई वाहन जलकर खाक हो गए, जबकि कई गाड़ियों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। उन्होंने बताया कि विस्फोट में घायल लोगों को लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि जिस कार में विस्फोट हुआ, उसमें तीन लोग सवार थे और इस बात की जांच की जा रही है कि क्या यह आत्मघाती हमला था।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।