
जैश की ‘लेडी कमांडर’ ने रची लाल किला ब्लास्ट की साजिश? मसूद अजहर की बहन से जुड़े तार
शहीना शाहिद पेशे से मेडिकल प्रोफेशनल है और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह अस्पताल में डॉ. मुज्जमिल शकील के साथ काम करती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शहीना भारत में जैश की महिला शाखा की प्रमुख हो सकती है।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए कार बम धमाके में मंगलवार को बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हमले के तार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े हैं। यह वही संगठन है जिसने फरवरी 2019 में पुलवामा हमले और अप्रैल 2025 में पहलगाम नरसंहार को अंजाम दिया था।

दिल्ली में धमाका एक ह्यूंडई i20 कार में रखे अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल ऑयल से भरे विस्फोटक के जरिए किया गया, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका पर शक
जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना कुख्यात आतंकी मसूद अजहर ने की थी। पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर उसके प्रशिक्षण ठिकाने नष्ट किए थे। वहीं, पहलगाम हमले के बाद 7 मई को भारतीय मिसाइल हमले में जैश के बहावलपुर मुख्यालय को तबाह कर दिया गया था।
मसूद अजहर ने उस हमले में अपने परिवार के 10 सदस्यों की मौत की पुष्टि की थी, जिसमें उसका बहनोई यूसुफ अजहर भी शामिल था। यूसुफ, अजहर की छोटी बहन सादिया अजहर का पति था।
जैश का पुनर्गठन और महिला विंग की शुरुआत
संगठन पर बड़े हमलों के बावजूद, खुफिया एजेंसियों का कहना है कि जैश पाकिस्तानी सेना की मदद से फिर से सक्रिय हो रहा है। अगस्त में मिली रिपोर्टों के अनुसार, जैश ने एक नया फंड-रेजिंग कैंपेन शुरू किया है और महिलाओं की भर्ती बढ़ाई जा रही है।
इसी कड़ी में, संगठन ने ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक महिला विंग बनाई है, जिसका नेतृत्व सादिया अजहर को सौंपा गया है। वह और उसकी बहन समायरा अजहर ऑनलाइन क्लास चलाकर महिलाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस विंग का फोकस जैश कमांडरों की पत्नियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं पर है। भर्ती के लिए मुख्य इलाकों में जैश के शेष प्रशिक्षण शिविरों के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
दिल्ली धमाके से दो प्रमुख लिंक
दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले में जैश से दो बड़े कनेक्शन सामने आए हैं।
पहला- वह आतंकी मॉड्यूल जिसने धमाका किया।
दूसरा- शहीना शाहिद, जिसकी स्विफ्ट कार से एक असॉल्ट राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए।
शहीना शाहिद पेशे से मेडिकल प्रोफेशनल है और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह अस्पताल में डॉ. मुज्जमिल शकील के साथ काम करती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शहीना भारत में जैश की महिला शाखा की प्रमुख हो सकती है। दोनों को सोमवार शाम फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया।
डॉक्टरों का नया आतंकी नेटवर्क
दिल्ली धमाके से कुछ घंटे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक इंटर-स्टेट एंटी-टेरर रेड में दो अन्य डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक था डॉ. मुज्जमिल शकील, जिससे करीब 3,000 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। दूसरा, डॉ. आदिल अहमद राथर, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पकड़ा गया।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि धमाका डॉ. उमर मोहम्मद ने अंजाम दिया, जो मॉड्यूल का तीसरा सदस्य था। उसने तब विस्फोट किया जब उसे खबर मिली कि उसके साथी शकील और राथर गिरफ्तार हो चुके हैं।
यह पूरा मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि जैश-ए-मोहम्मद अब मेडिकल प्रोफेशनल्स को आतंक की नई रणनीति में शामिल कर रहा है, जिससे शक न हो और नेटवर्क गुप्त बना रहे।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एनआईए और इंटेलिजेंस एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं। फरीदाबाद, सहारनपुर और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में हुए इस धमाके का उद्देश्य देश की राजधानी में भय और अस्थिरता का माहौल बनाना था।



