ममता बनर्जी ने गांगुली के जरिए पहुंचाया था यूसुफ पठान को संदेश? सौरव ने क्या बताया

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हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और पार्टी को लगे झटकों के बाद ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति और संसद में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक सुरक्षित लोकसभा सीट की तलाश में हैं।

ममता बनर्जी ने गांगुली के जरिए पहुंचाया था यूसुफ पठान को संदेश? सौरव ने क्या बताया

Mamata Banerjee and Yusuf Pathan: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। इस चुनाव में अपनी दोनों सीट हार चुकीं ममता बनर्जी अब राष्ट्रीय राजनीति की तरफ जाना चाहती हैं। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसके लिए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी बहरामपुर लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़कर संसद में प्रवेश करने की योजना बना रही थीं। इसके लिए उन्होंने वर्तमान टीएमसी सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर युसूफ पठान से इस्तीफा तक मांग लिया था। हालांकि, पठान ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है।

इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला नाम सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी की ओर से युसूफ पठान को इस्तीफे का यह संदेश पहुंचाया था। हालांकि, सौरव गांगुली की तरफ से इन सभी रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान ने कहा है कि वह इस तरह के राजनीतिक बातचीत या मैसेज डिलेवरी का हिस्सा नहीं रहे।

बहरामपुर को ही क्यों चुना?

हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और पार्टी को लगे झटकों के बाद ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति और संसद में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक सुरक्षित लोकसभा सीट की तलाश में हैं। इसके लिए उन्होंने बहरामपुर निर्वाचन क्षेत्र को सबसे उपयुक्त माना। पार्टी रणनीतिकारों का मानना था कि हाल ही में जीती गई इस सीट पर ममता बनर्जी की जीत बेहद आसान होगी, जिससे वे आसानी से लोकसभा पहुंच सकेंगी।

युसूफ पठान का दोटूक इनकार

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी का संदेश युसूफ पठान तक पहुंचाया तो पूर्व ऑलराउंडर ने पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। पठान ने अपनी बात रखते हुए तर्क दिया कि उन्होंने अभी हाल ही में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को पटखनी देकर बहरामपुर सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वह इतनी जल्दी इस निर्वाचन क्षेत्र को खाली करके बहरामपुर के मतदाताओं द्वारा उन पर जताए गए भरोसे और जनादेश का अपमान नहीं करना चाहते।

टीएमसी का संकट और गहराया

युसूफ पठान के इस कड़े रुख और इस्तीफे से इनकार के बाद ममता बनर्जी की लोकसभा जाने की योजना फिलहाल खटाई में पड़ती नजर आ रही है। पार्टी के भीतर पहले से ही अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को लेकर बागी विधायकों का घमासान जारी है और अब एक मौजूदा सांसद द्वारा सीधे आलाकमान के प्रस्ताव को ठुकराए जाने से टीएमसी का अंदरूनी संकट और ज्यादा गहरा गया है।

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Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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