भारत को UNSC में सीट देना बेहद जरूरी; समर्थन में यह देश, विदेश नीति का हुआ फैन

Mar 06, 2026 06:23 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब ने यूएन में भारत के लिए सुरक्षा परिषद में सीट देने का समर्थन किया है। बीते साल नवंबर में भी उन्होंने कहा था कि सुरक्षा परिषद में विस्तार हो और भारत को सीट नहीं मिलना गलत है।

भारत को UNSC में सीट देना बेहद जरूरी; समर्थन में यह देश, विदेश नीति का हुआ फैन

फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब ने भारत को UNSC यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीट देने की मांग की है। वह भारत दौरे पर हैं और नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने भारत की विदेश नीति की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पश्चिम के प्रभुत्व वाले विश्व का दौर खत्म हो चुका है और यह बदलाव साफ दिखाई है रहा है।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब स्टब ने यूएन में भारत के लिए सुरक्षा परिषद में सीट देने का समर्थन किया है। बीते साल नवंबर में भी उन्होंने कहा था कि सुरक्षा परिषद में विस्तार हो और भारत को सीट नहीं मिलना गलत है।

स्टब ने कहा, 'भारत की विदेश नीति के बारे में मुझे जो बात सबसे अच्छी लगती है, वो यह है कि आप किसी भ्रम में नहीं रहते। भारत की विदेश नीति दुनिया की हकीकत पर आधारित है। आपने पूरी दुनिया को यह दिखाया है कि रणनीतिक सावधानी और अपनी शर्तों पर फैसले लेने की आजादी की क्या अहमियत होती है।'

उन्होंने कहा, 'मुझे व्यक्तिगत रूप से ऐसा लगता है कि हमें थोड़ा भारत जैसा होना चाहिए। आज आपके साथ प्रधानमंत्री, रायसीना डायलॉग की शुरुआत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। रायसीना को बढ़ता देखकर अच्छा लग रहा है...।'

UNSC में भारत को सीट देने की वकालत

साथ ही उन्होंने कहा, 'आज रायसीना में अपने भाषण में मैं एक बार फिर मल्टीलेटरल सिस्टम में बदलाव की मांग करता हूं, जहां काम और शक्ति का बंटवारा आज के दौर के हिसाब से होना चाहिए। ऐसे में मुझे लगता है कि UN सुरक्षा परिषद में भारत के लिए सीट बहुत ही जरूरी है...।' इस दौरान फिनलैंड राष्ट्रपति ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई डील पर भी बात की।

भारत को बताया प्रमुख ताकत

स्टब ने कहा, 'मेरा तर्क बहुत सरल है। मेरा मानना है कि 'ग्लोबल साउथ' तय करेगा कि अगली विश्व व्यवस्था कैसी होगी। और भारत इसमें एक प्रमुख ताकत होगा, यदि सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाला देश नहीं भी हुआ, तो यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि दुनिया टकराव वाली बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर जाएगी, जहां फैसले सौदों और हितों के आधार पर होंगे, या फिर सहयोग, निष्पक्षता और समानता वाली वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ेगी, जो अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, नियमों और कानूनों पर आधारित होगी।'

उन्होंने कहा, 'इस बदलाव के दौर में भारत और अन्य प्रमुख शक्तियां जो नीतिगत फैसले लेंगी, वे बहुत महत्वपूर्ण होंगे। वे ही भविष्य की दिशा तय करेंगे।' स्टब ने कहा कि दुनिया वैसे ही बदल रही है जैसे प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध और शीत युद्ध के बाद बदली थी, और इस बदलाव को स्थिर होने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक शक्ति संतुलन बदल चुका है।

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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