भारत को सैन्य सप्लाई नहीं कर पा रहा इजरायल, फाइटर जेट तेजस पर असर; HAL चीफ ने दी अच्छी खबर
ईरान युद्ध के कारण भारत को सैन्य आपूर्ति में देरी हो सकती है, लेकिन इस साल के लिए पर्याप्त रक्षा स्टॉक मौजूद है। तेजस की डिलीवरी, 'कैट्स वॉरियर' ड्रोन और रूसी Su-57 विमानों की खरीद पर HAL का ताजा अपडेट पढ़ें।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) डी. के. सुनील ने गुरुवार को जानकारी दी कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण इजरायल से भारत को मिलने वाली सैन्य आपूर्ति में देरी हो सकती है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत के पास चालू वर्ष की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
सैन्य आपूर्ति और देरी का कारण
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनील ने बताया कि ईरान की ओर से की गई बमबारी के चलते इजरायल में कई प्लांट बंद हो गए हैं, जिससे सप्लाई में विलंब होगा। स्वदेशी फाइटर जेट 'तेजस' के लिए रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सूट और हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले इजरायल से ही खरीदे जाते हैं। HAL के कर्मचारी इजरायल में कंपनियों के साथ काम कर रहे थे, लेकिन युद्ध की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें वहां से वापस बुला लिया गया है। HAL प्रमुख को उम्मीद है कि युद्ध समाप्त होने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी और इजरायल आपूर्ति के बैकलॉग को जल्द ही पूरा कर लेगा।
युद्ध से सबक: CATS वॉरियर (UCAV) पर HAL का फोकस
आधुनिक युद्धों (विशेषकर छोटे और सस्ते ड्रोन्स के इस्तेमाल) से सबक लेते हुए, HAL अब कैट्स वॉरियर (CATS Warrior) के विकास पर अपना पूरा जोर लगा रहा है। यह एक 'लो-ऑब्जर्वेबल' (रडार की पकड़ में आसानी से न आने वाला) अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (UCAV) है, जिसे दूर से पायलट किया जा सकता है और यह हथियार ले जाने में सक्षम है।
वर्तमान में इसका 3-टन का प्रोटोटाइप बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में 5 और 7 टन की श्रेणी तक बढ़ाया जाएगा। यह HAL का एक सेल्फ फंडेड प्रोजेक्ट है। इसका विस्तृत डिजाइन पूरा हो चुका है और इसके पुर्जों तथा फ्यूजलेज (विमान का मुख्य ढांचा) का निर्माण अभी प्रोटोटाइपिंग चरण में है। HAL छोटे और सस्ते ड्रोन (जैसे ईरानी शाहेद) के बाजार में नहीं उतर रहा है, क्योंकि भारत में कई स्टार्टअप्स पहले से ही इस क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहे हैं।
तेजस Mk 1A की डिलीवरी और इंजनों का मुद्दा
भारतीय वायुसेना को 'तेजस Mk 1A' जेट्स की डिलीवरी में काफी देरी हुई है, जिस पर HAL ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। इंजनों के साथ पांच जेट तैयार हैं, और छठा इंजन 'GE एयरोस्पेस' से आने वाला है। अमेरिकी कंपनी GE ने HAL को आश्वासन दिया है कि जून से दिसंबर के बीच 20 इंजन डिलीवर किए जाएंगे। कॉन्ट्रैक्ट के कड़े नियमों के अनुसार, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के लिए F-404 इंजनों की डिलीवरी में देरी के कारण GE पर 'लिक्विडेटेड डैमेजेस' (जुर्माना) लगाया जा रहा है। अगले महीने भारतीय वायुसेना के साथ डिलीवरी की स्थिति पर एक प्रमुख समीक्षा बैठक होने वाली है, जिसमें डिलीवरी की नई और अंतिम समयसीमा तय की जाएगी।
मौजूदा तेजस स्क्वाड्रन फिर भरेंगे उड़ान
पिछले महीने एक फॉरवर्ड एयर बेस पर दुर्घटना के बाद, वायुसेना के मौजूदा तेजस विमानों को व्यापक मेंटेनेंस और सुरक्षा जांच के लिए रोक दिया गया था। सुनील ने बताया कि विमान के ब्रेकिंग सॉफ्टवेयर में एक खामी पाई गई थी, जिसे अब पूरी तरह से ठीक कर लिया गया है। ये जेट्स अगले सप्ताह से फिर से उड़ान भरने के लिए तैयार हैं।
रूसी Su-57 फाइटर जेट्स को लेकर क्या है योजना?
रूसी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Su-57 की खरीद की संभावनाओं पर, HAL प्रमुख ने कहा कि वायुसेना (IAF) की टीम के सामने इस विमान की क्षमताओं को लेकर प्रेजेंटेशन दी जा चुकी है। रूस की एक समिति ने HAL के प्लांट्स का अध्ययन किया है और बताया है कि भारत की मौजूदा सुविधाओं का लगभग 50% हिस्सा इन विमानों के निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, भारत में इनके निर्माण के लिए कुछ नए निवेश की आवश्यकता होगी। HAL फिलहाल निवेश को लेकर रूस से कोटेशन का इंतजार कर रहा है। कोटेशन मिलने के बाद ही HAL वायुसेना के पास जाएगा ताकि इन विमानों की आवश्यक संख्या और उत्पादन की समयसीमा तय की जा सके।
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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
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