डोनाल्ड ट्रंप को मारने का प्लान बना चुका है ईरान, इजरायल की खुफिया रिपोर्ट में बड़ा दावा
इजरायल ने अपनी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया है कि ईरान डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्लान बना रहा है। बता दें कि बीते कुछ दिनों से ईरान और अमेरिका में टकराव एक बार फिर बढ़ा है। इस रिपोर्ट के बाद ट्रंप और भी आक्रामक हो सकते हैं।

ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में लोगों ने खूब मातम मनाया और अमेरिका से बदला लेने के लिए नारे लगाए गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बदले की भावना भरने वाली कविताएं सुनाई गईं और भाषण दिए गए। अब इजरायल ने खुफिया जानकारी देते हुए कहा है कि ईरान डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा था। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने ट्रंप की हत्या की 'नई ईरानी साजिश' की रिपोर्ट शेयर की है।
तीन सप्ताह पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हुआ था और एक बार फिर दोनों देशों में तनाव बढ़ रहा है। इसी बीच इजरायल ने यह रिपोर्ट दी है। ऐसे में अमेरिका और ईरान में तनाव बढ़ने और टकराव की आशंकाएं बढ़ गई हैं। अमेरिका और ईरान में अभी फाइनल डील भी नहीं हो पाई है। 2020 में जब अमेरिकी ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी मारा गया था तब भी कई सालों तक ईरान ने उन्हें हत्या की धमकी दी थी।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली खुफिया एजेंसी लगातार ईरान के इरादों को जानने की कोशिश में लगी रहती हैं। ऐसे में कई बार इजरायल ने ईरान की साजिशों की रिपोर्ट अमेरिका को दी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इजरायल की यह खुफिया रिपोर्ट डोनाल्ड ट्रंप के इरादे भी बदल सकती है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते के लिए पिछले एक महीने में काफी प्रयास किए हैं। हालांकि उन्होंने कहा है कि अगर ईरान कोई गड़बड़ करता है तो बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया जाएगा।
दोनों तरफ से हमले तेज, फिर खटाई में पड़ा युद्धविराम
तुर्की यात्रा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ही कहा था कि ईरान उन्हें खत्म करना चाहता है। उन्होंने कहा था, ईरान की सारी लिस्ट में उनका नाम शामिल है। लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। बता दें कि गुरुवार को अमेरिका ने ईरान पर कई हमले किए हैं। इरके बाद ईरान ने भी अमरेका के सहयोगी पश्चिमी देशों में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। दोनों तरफ से हुए हमलों के कारण वह अस्थायी समझौता खतरा में पड़ गया है, जिसका मकसद पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने में मदद करना था।
बुधवार को भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमले किए थे, लेकिन बृहस्पतिवार के हमले पहले से ज्यादा बड़े थे। बहरीन में कम से कम तीन बार सायरन बजे। कुवैत और कतर पर भी मिसाइलें दागी गईं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। गुरुवार दोपहर जॉर्डन में भी सायरन बजे, जहां अमेरिका ने अपने सैनिक और विमान तैनात रखे हैं।
ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के कुछ घंटे बाद हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरान के हालिया हमले युद्धविराम के खत्म होने का संकेत हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ये हमले नहीं रुके तो संघर्ष और बढ़ सकता है। इसके बाद पूरे क्षेत्र में एक बार फिर बड़े युद्ध की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई। ऐसा होने पर कई देश प्रभावित होंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति भी रुक सकती है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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