हजार वार करके लहूलुहान करो, ये है पाकिस्तान की नीति; भारत ने UNSC में किया बेनकाब; 2 दिन में दूसरी बार लताड़ा

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इससे पहले चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर का जिक्र किए जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी। भारत ने साफ कहा कि और किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

हजार वार करके लहूलुहान करो, ये है पाकिस्तान की नीति; भारत ने UNSC में किया बेनकाब; 2 दिन में दूसरी बार लताड़ा

भारत ने 2 दिन में दूसरी बार पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। वैश्विक मंचों पर भारत को उकसाने वाली बयानबाजियों से बाज न आने वाले पाकिस्तान को भारत ने इस बार आंतकवाद के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 'यूएन चार्टर के सिद्धांतों को बनाए रखने' पर आयोजित एक खुली बहस के दौरान भारत के स्थायी राजदूत पार्वथनेनी हरीश ने पाकिस्तान को एक्सपोज किया। राजदूत हरीश ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने की भारी कीमत चुकानी होगी।

राजदूत हरीश ने पाकिस्तान के असली चेहरे को UNSC में बेनकाब किया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर परिणाम होते हैं। अस्तित्व में आने के बाद से ही पाकिस्तान लगातार आतंकवाद, उग्रवाद, हिंसक कट्टरपंथ और भारत-विरोधी बयानबाजी कर रहा है। पाकिस्तान दुष्ट ताकतों को पालने और उनका इस्तेमाल करने में जुटा हुआ है।”

क्या बोला भारत?

भारतीय राजदूत पाकिस्तान की सेना की कुख्यात डॉक्ट्रिन 'ब्लीडिंग इंडिया बाय अ थाउजेंड कट्स' यानी भारत को लहूलुहान करने जैसी नीति को भी संयुक्त राष्ट्र के सामने लेकर आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई युद्ध शुरू कर, बेवजह आक्रामकता दिखाकर और आतंकवाद फैलाकर संप्रभुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन किया है। ऐसे में पाकिस्तान का UN चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता जताना पूरी तरह खोखला और पाखंड है।

राजदूत हरीश ने याद दिलाया कि स्वतंत्र भारत ने शुरुआत से ही पाकिस्तान के सीमा पार आक्रमण को झेला है। पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्रों पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की। भारत ने यह भी बता दिया कि उसके पास इस आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।

जम्मू कश्मीर के जिक्र पर भी भारत ने सुनाया

गौरतलब है कि भारत ने जम्मू कश्मीर के मुद्दे का जिक्र करने को लेकर मंगलवार को भी पाक और चीन को सुनाया था। दरअसल पाकिस्तान और चीन के बीच बीजिंग में हुई एक बैठक के बाद एक साझा बयान जारी किया था। इसमें कश्मीर का जिक्र कर कहा गया था कि इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए। इसके बाद भारत ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस पर किसी भी तीसरे देश को टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है।

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, “हम चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के अनुचित बयान को सिरे से खारिज करते हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं, थे और हमेशा रहेंगे। किसी भी अन्य देश के पास इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।” वहीं भारत ने CPEC प्रोजेक्ट को लेकर भी अपनी आपत्ति दोहराई। भारत ने कहा कि इस कॉरिडोर का कुछ हिस्सा भारत की संप्रभु धरती (PoK) से होकर गुजरता है और भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर चोट करने वाले और पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध बनाने वाले किसी भी देश के ऐसे कदम का कड़ा विरोध करता है।

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Jagriti Kumari

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Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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