ISKCON वेज खाना ही बनाएगा पर साथ अंडा परोसा जाएगा, सरकार ने खोजा जुगाड़
पश्चिम बंगाल में बच्चों को मध्याह्न भोजन की जिम्मेदारी ISKCON यानी अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ को दी गई है। इसके बाद से ही बच्चों की थाली में अंडे का मुद्दा जोर पकड़ रहा था। अब राज्य सरकार ने इसपर सफाई दे दी है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने मध्याह्न भोजन में अंडे को भी शामिल करने का फैसला ले लिया है। इससे पहले भोजन व्यवस्था को ISKCON को सौंपे जाने को लेकर काफी बवाल हुआ था। अब सरकार का कहना है कि अंडों को अलग से दिया जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने नाश्ते में अंडे और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए आवंटन प्रति प्लेट दो रुपये बढ़ाने की तैयारी की थी।
क्या था हंगामा
मध्याह्न भोजन का काम ISKCON को सौंपे जाने को लेकर खासा हंगामा हुआ था। पीटीआई भाषा के मुताबिक, कुछ वर्गों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि यह धार्मिक संगठन शाकाहारी भोजन परोसेगा, जिससे बच्चों को उनके भोजन में अंडे नहीं मिल पाएंगे। बाद में फिर सरकार ने इसमें दखल देकर नई व्यवस्था की शुरुआत की।
क्या बोले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
CM अधिकारी ने कहा, '1 अगस्त से कोलकाता के अधिकांश स्कूलों में एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत इस्कॉन की तरफ से शुद्ध सात्विक, प्रोटीन से भरपूर भोजन बच्चों को मिलेगा। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों के जरिए अलग से अंडे भी वितरित किए जाएंगे, ताकि बच्चों क प्रोटीन रिच डाइट मिल सके।'
यह स्पष्ट करते हुए कि अंडे सप्ताह में एक या दो बार अलग से उपलब्ध कराए जाएंगे, शुभेंदु ने कहा, 'राज्य सरकार ने प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए आवंटन को प्रति छात्र 6.78 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है। इससे मध्याह्न भोजन के लिए कनिष्ठ और वरिष्ठ छात्रों के बीच धन आवंटन में मौजूद असमानता समाप्त हो गई है।'
मध्याह्न भोजन का मुद्दा वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में भी शामिल रहा, क्योंकि ऐसी खबरें सामने आई थीं कि भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपी जाएगी।
थाली पर बढ़ा दिए 2 रुपये
22 जुलाई को श्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने आंगनवाड़ी केंद्रों में महिलाओं और बच्चों के लिए नाश्ते में अंडे और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए आवंटन प्रति प्लेट दो रुपये बढ़ाने की मंजूरी दी थी। सरकार ने बुधवार को कहा कि उन्होंने कहा कि कोलकाता के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भोजन पकाने और आपूर्ति करने की जिम्मेदारी एक पायलट परियोजना के रूप में एक अगस्त से इस्कॉन द्वारा संभाली जाएगी।
मंत्री ने बढ़ा दी चर्चा
स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने कहा था, 'समाज में, इस देश में और पूरी दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं, जो पूरी तरह शाकाहारी हैं और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। शाकाहारी भोजन में भी पर्याप्त पोषण होता है और जो लोग शाकाहारी भोजन करते हैं, उन्हें अपने शरीर के निर्माण के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं। इसलिए पोषण के लिए बच्चों का अंडा खाना न तो अनिवार्य है और न ही इसकी कोई आवश्यकता है।'


