बंगाल हार के बाद टूटने लगी ममता बनर्जी की TMC? एक साथ 16 नेताओं का इस्तीफा

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल विधायकों के पहले बड़े विरोध प्रदर्शन में कम उपस्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद विपक्षी दल की भूमिका में खुद को कितनी प्रभावी ढंग से ढाल पाती है।

Mamata Banerjee

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ने के आसार हैं। खबर है कि हलिशहर नगरपालिका में एक सात 16 टीएमसी पार्षदों ने इस्तीफा सौंप दिया है। कहा जा रहा है कि राज्य के चुनाव में हार के बाद पार्टी का स्थानीय नेतृत्व दूर हो गया है। इसके साथ ही टीएमसी में आंतरिक कलह को लेकर अटकलों का दौर फिर शुरू हो गया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर नेतृत्व से असंतोष के बाद पार्षदों ने यह फैसला लिया है। कथित तौर पर पार्षदों के आरोप हैं कि सांसद पार्थ भौमिक समेत क्षेत्र के कई बड़े नेताओं ने चुनाव में हार के बाद से उनसे संपर्क नहीं किया है।

अन्य जगहों पर भी ऐसे ही हाल

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी स्थिति कंचरपारा नगर पालिका क्षेत्र में बन रही है। हलिशहर नगरपालिका में इस्तीफा देने वालों में 5 महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि, अध्यक्ष शुभांकर घोष इस प्रक्रिया से दूर रहे हैं। बीजापुर विधायक सुदीप्ता दास ने इस्तीफा देने वालों की सूची जारी की है। उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिया है कि इसके चलते जनता के कामों में परेशानी नहीं आएगी।

विरोध प्रदर्शन में नहीं पहुंचे विधायक

तृणमूल कांग्रेस के पहले बड़े विरोध प्रदर्शन से पार्टी के कई विधायकों की अनुपस्थिति ने बुधवार को राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। यह घटनाक्रम पार्टी के आंतरिक विचार-विमर्श के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर जनता से जुड़ने के लिए सड़क पर उतरने की राजनीति की ओर लौटने की जरूरत पर चर्चा हुई थी।

80 विधायकों में से केवल 35 ही कार्यक्रम में पहुंचे थे, जिससे राजनीतिक गलियारों में संगठन के भीतर संभावित मतभेदों को लेकर अटकलें तेज हो गईं। यह ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी चुनावी हार के बाद खुद को फिर से संगठित करने की कोशिश कर रही है। विपक्ष के नेता पद के लिए पार्टी की पसंद माने जा रहे शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने आंतरिक कलह की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि कई विधायक संगठनात्मक जिम्मेदारियों और अन्य व्यावहारिक कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल विधायकों के पहले बड़े विरोध प्रदर्शन में कम उपस्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद विपक्षी दल की भूमिका में खुद को कितनी प्रभावी ढंग से ढाल पाती है।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsबंगाल हार के बाद टूटने लगी ममता बनर्जी की TMC? एक साथ 16 नेताओं का इस्तीफा