अभिषेक बनर्जी के पद पर भी खतरा? TMC के बागी विधायक बोले- कोलकाता और दिल्ली की दूरी बहुत नहीं
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि मैं तो दिल्ली में भी नहीं हूं, मैं कोलकाता में हूं। चूंकि मैं सांसद नहीं हूं, इसलिए संसदीय दल के कामकाज के बारे में क्या कह सकता हूं? हालांकि, दिल्ली और कोलकाता के बीच की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में बगावत हो गई है। 58 विधायकों ने अपना नया बंगाल का नेता विपक्ष ऋतब्रत बनर्जी को चुन लिया है। अब टीएमसी के सांसदों के भी टूट का डर सताने लगा है। कहा जा रहा है कि इससे अभिषेक बनर्जी के टीएमसी संसदीय दल के नेता के पद पर भी खतरा मंडराने लगा है। इस पर ऋतब्रत बनर्जी ने जवाब दिया है कि कोलकाता और दिल्ली की दूरी बहुत नहीं है।
जब पूछा गया कि क्या टीएमसी संसदीय दल के नेता के तौर पर अभिषेक की स्थिति को कोई खतरा है, तो पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने एएनआई से कहा, "मैं तो दिल्ली में भी नहीं हूं, मैं कोलकाता में हूं। चूंकि मैं सांसद नहीं हूं, इसलिए संसदीय दल के कामकाज के बारे में क्या कह सकता हूं? हालांकि, दिल्ली और कोलकाता के बीच की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है।"
पार्टी छोड़ने वाले संभावित सांसदों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैंने कल 4-5 सांसदों को फोन करने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से, मैं उनमें से किसी से भी संपर्क नहीं कर पाया। उनके फोन या तो बंद थे या कवरेज क्षेत्र से बाहर थे। हां, आज मैंने कुछ सांसदों से बात जरूर की, लेकिन उनके अपने फोन पर नहीं। मेरा एक करीबी साथी दिल्ली में था और कुछ सांसदों से उसकी मुलाकात हुई। उसने फोन मुझे दिया, तो मैंने उनसे उस तरह बात की। इसलिए, मुझे असल में कोई साफ अंदाजा नहीं है।"
तृणमूल में चल रही उठापटक के बीच पांच विधायकों की सुरक्षा बढ़ी
इस बीच, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी उठापटक के बीच बीरभूम के पांच विधायकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पूरे राज्य में तृणमूल के कई बड़े नेताओं की सुरक्षा में कटौती की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, बीरभूम के विधायक चंद्रनाथ सिन्हा, राजेंद्र प्रसाद सिंह, मोशर्रफ हुसैन, बिधान माझी और काजल शेख की सुरक्षा पिछले कुछ दिनों में मजबूत की गई है। प्रशासन के इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों का ध्यान खींचा है, क्योंकि ये पांचों विधायक तृणमूल कांग्रेस के उन 58 विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के निर्देश के खिलाफ जाकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया था।
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Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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