
US से फाइनल होने वाली है ट्रेड डील? एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री की हुई बातचीत
विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच मंगलवार को फोन पर बातचीत हुई। यह वार्ता तब हुई है जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डील अटकी पड़ी है। हालांकि इस सकारात्मक बातचीत से अच्छे संकेत मिल रहे हैं।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बात की है। दोनों नेताओं की बातचीत से संकेत यही मिल रहा हैं कि ट्रेड डील को लेकर जल्द ही दोनों देशों में बात बन सकती है। जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं में व्यापार, क्रिटिल मिनरल्स, न्यूक्लियर एनर्जी और रक्षा मामलों को लेकर वार्ता हुई है। जयशंकर ने कहा कि मार्को रूबियो ने उनसे इन सभी मामलों में जुड़े रहने की बात कही है।
विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ उनकी सकारात्मक चर्चा हुई है। बता दें कि भारत और अमेरिका बीच ट्रेड डील अभी अटकी हुई है। बीते साल डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के बाद ही दोनों देशों के बीच इसको लेकर वार्ता शुरू हो गई। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप बीच में ही टैरिफ की लड़ाई लड़ने लगे और भारत समेत दुनियाभर के देशों पर भारी भरकम टैरिफ थोप दिया। अमेरिका ने भारत पर भी 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया। इसी वजह से व्यापार वार्ता में भी ब्रेक लग गया।
अमेरिका के लिए बेहद अहम भारत
भारत में अमेरिका का राजदूत सर्जियो गोर ने बताया है कि दोनों नेताओं के बीच ट्रेड टॉक, जरूरी खनिजों और रक्षा मामलों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है। इससे पहले ही गोर कह चुके हैं कि अमेरिका के लिए भारत बेहद जरूरी है। सर्जियो गोर जबसे भारत में राजदूत नियुक्त हुए हैं यहां के प्रति उनका रुख बहुत ही नर्म और सकारात्मक देखा गया है। ट्रंप के इस फैसले को भी अच्छे नजरिए से देखा जा रहा है।
कहां तक पहुंची है व्यापार वार्ता
सर्जियो गोर ने ही कहा था कि 13 जनवरी से दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता शुरू होगी। हालांकि वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि इस हफ्ते बातचीत होनी मु्श्किल ही है। हालांकि बातचीत का अगला दौर जल्द शुरू हो सकता है जिसमें टैरिफ को लेकर भी कोई हल निकाला जा सकता है। हां इतना जरूर संभव है कि दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता हो जाए। दावा किया जा रहा है कि भारत ने अमेरिका के सामने एक अच्छी डील पेश की है और इसपर जल्द ही मुहर भी लग सकती है। अमेरिका इस डील को फाइनल करना चाहता है हालांकि फाइनल मंजूरी डोनाल्ड ट्रंप से ही मिलने वाली है।

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Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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