INDIA गठबंधन छोड़ NDA में जाने वाली है एक बड़ी पार्टी? सांसद ने दिया बड़ा अपडेट
महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी में उथल पुथल के बीच अटकलें तेज हो गईं हैं कि वरिष्ठ नेता शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी एनडीए को समर्थन दे सकती है। हालांकि, अब लोकसभा सांसद सु्प्रिया सुले ने इसपर प्रतिक्रिया दी है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार को उन अफवाहों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और भाजपा के राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े के बीच कोई समझौता होने जा रहा है। कहा जा रहा था कि इसके तहत राकांपा केंद्र के साथ-साथ महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी नीत गठबंधन को समर्थन देगी।
सुले ने यहां पत्रकारों से कहा, 'मुझे पाटिल और तावड़े के बीच ऐसी किसी मुलाकात की कोई जानकारी नहीं है। मुझे भी इस बारे में सिर्फ मीडिया के लोगों से ही पता चला है। वैसे तावड़े और मेरी मुलाकात होती रहती है।'
क्या NDA को समर्थन देंगे शरद पवार?
यह पूछे जाने पर कि क्या शरद पवार की राजग को समर्थन देने या उसमें शामिल होने की कोई योजना है, उन्होंने कहा, 'मैं पिछले 12 वर्षों से ऐसी चर्चाएं सुन रही हूं। मुझे श्री पाटिल और श्री तावड़े के बीच ऐसी किसी बैठक के बारे में कुछ नहीं पता। श्री तावड़े और मैं कई बार मिले हैं, क्योंकि हम दोनों संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में हैं। पिछले एक महीने में ही हमारी कम से कम 21 बार मुलाकात हुई होगी। इसलिए जो बातें चल रही हैं, उन्हें सुनकर मुझे सिर्फ हंसी आ रही है।'
राकांपा (एसपी) विधायक रोहित पवार ने भी इन अटकलों से इनकार किया और कहा कि किसी भी नेता के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'एक विपक्षी दल के रूप में हम आम जनता, किसानों, छात्रों और मजदूरों के मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे।'
कांग्रेस के अलग दावे
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, 'यह तो तय है कि ऐसी बातचीत चल रही है। अब उन्हें खुद फैसला करना है कि उनके लिए कौन सा रास्ता सही है। वे विचारधारा चाहते हैं या राजनीतिक सत्ता? क्या वे सिर्फ पावर चाहते हैं या फिर छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर, छत्रपति शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले के विचारों पर चलते हुए प्रगतिशील महाराष्ट्र के विकास को आगे बढ़ाना चाहते हैं? या फिर वे पैसे, दौलत और ताकत के दम पर काम करना चाहते हैं?'
मुलाकात के बाद चर्चाएं
सूत्रों के मुताबिक शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने शुक्रवार को भाजपा के राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े से मुलाकात की थी, जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। इस बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि अगर शरद पवार की पार्टी भाजपा नीत गठबंधन में शामिल होती है, तो राकांपा को क्या राजनीतिक फायदे मिल सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि शरद पवार की राकांपा के पास या तो राजग का हिस्सा बनने का विकल्प है या फिर वह उसे बाहर से समर्थन दे सकती है। इस बैठक में सरकार में शामिल होने को लेकर भी बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि शरद पवार की राकांपा को भाजपा नीत गठबंधन में शामिल करने के प्रयास केंद्रीय स्तर पर किए जा रहे हैं, न कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के स्तर पर।
पद मिलने की अटकलें
सूत्रों के अनुसार, अगर शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा राजग में शामिल होती है, तो उसे केंद्र सरकार में एक कैबिनेट मंत्री का पद और महाराष्ट्र सरकार में तीन कैबिनेट मंत्री पद मिलने की संभावना है।
सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र में मिलने वाले इन विभागों में से एक वित्त मंत्रालय हो सकता है, जिसे काफी अहम माना जाता है और फिलहाल यह खुद मुख्यमंत्री फडणवीस के पास है। राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार पहले ही इस वित्त विभाग पर अपना दावा ठोक चुकी हैं, जो कभी उनके दिवंगत पति अजीत पवार के पास हुआ करता था।
जानकारों का मानना है कि वित्त मंत्रालय को संभवतः शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है और शायद यही वजह है कि यह विभाग अब तक उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार समेत किसी भी अन्य नेता को नहीं सौंपा गया है।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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